आकाशवाणी लखनऊ मना रहा है अपना 89वां स्थापना दिवस, कार्यक्रम में विभूतियों को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। आकाशवाणी लखनऊ ने दो अप्रैल 1938 को पहला प्रसारण किया था। कला, संगीत और संस्कृति के गौरवशाली इतिहास को समेटे यह केंद्र बृहस्पतिवार को 89वां स्थापना दिवस मना रहा है। 15 अप्रैल 1953 से यहां समाचार वाचन का सफर शुरू हुआ, जहां से पहली बार यही आवाज गूंजी थी नमस्कार, यह आकाशवाणी का लखनऊ केंद्र है… अब आप यज्ञदेव पंडित से सुनिए रेडियो समाचार। यज्ञदेव पंडित अब 99 वर्ष के हो चुके हैं। स्थापना दिवस समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

आकाशवाणी के लखनऊ केंद्र की शुरुआत एडवर्ड रोड पर किराये के भवन से हुई थी। वर्ष 1940 के आसपास इसे विधानसभा मार्ग स्थित कोठी में स्थानांतरित किया गया। यह कोठी अब केंद्र का अपना भवन है। शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खां, बेगम अख्तर, वायलिन वादक वी. जोक, सरोद वादक अली अकबर खां और तबला नवाज अहमद जान थिरकवा खान जैसे कलाकार इस केंद्र से जुड़े रहे।

मशहूर संगीतकार मदन मोहन और तलत महमूद ने संगीत यात्रा की शुरुआत यहीं से की थी। नाटकों के संचालन में भी केंद्र प्रसिद्ध रहा। इस केंद्र से रमई काका (चंद्रभूषण द्विवेदी) और बताशा बुआ (सुमित्रा कुमारी सिन्हा) ने श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई थी। दोनों ने अवधी बोली को नया आयाम दिया। आकाशवाणी लखनऊ केंद्र ने 20 अगस्त 2000 को एफ एम रेनबो चैनल का शुभारंभ किया, जो युवाओं में खूब लोकप्रिय हुआ।

विभूतियों को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

आकाशवाणी लखनऊ केंद्र की कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने बताया कि बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले समारोह में पद्म पुरस्कारों से अलंकृत विभूतियों और आकाशवाणी लखनऊ से जुड़े वरिष्ठ प्रसारकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे। इनमें डॉ. विद्याविंदु सिंह, डॉ. अनिल रस्तोगी, मालिनी अवस्थी, प्रो. सोनिया नित्यानंद, सुधा सिंह, केके ठकराल, यज्ञदेव पंडित और अचला नागर शामिल हैं। सांस्कृतिक संध्या में लखनऊ, वाराणसी और मथुरा आकाशवाणी केंद्र के प्रस्तुति देंगे।

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