लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान हेतु ‘महिला सुरक्षा’ और ‘मिशन शक्ति’ का मॉडल देश के लिए रोल मॉडल बनकर उभरा है लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला पत्रकारों को लेकर जिस तरह का समाचार पत्र प्रकाशित किया गया उसने उत्तर प्रदेश की महिलाओं की अस्मिता एवं उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए एक बड़ा सवाल योगी सरकार पर भी खड़ा किया है जबकि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल स्वयं एक महिला है, ऐसे में वीडियो जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान एवं भयमुक्त वातावरण के लिए राज्यपाल महोदया को ज्ञापन देकर उचित कार्यवाही की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा स्थित प्रेस रूम में मीडिया कवरेज हेतु आने वाली सम्मानित महिला पत्रकारों के संबंध में अनूप गुप्ता द्वारा संचालित हिंदी साप्ताहिक, समाचार पत्र, प्रखर पोस्ट द्वारा एक ऐसा समाचार प्रकाशित किया गया जिससे न सिर्फ मीडिया जगत में भूचाल आ गया बल्कि कहीं न कहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा किया है।
पत्रकारों की मान मर्यादा को जिस तरह कुत्ता कहकर धज्जियां उड़ाई जा रही है उससे आहत होकर उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के संयुक्त सचिव अनिल सैनी द्वारा पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सम्मान हेतु सराहनीय पहल करते हुए यू पी वीडियो जर्नलिस्ट एसोसिएशन के माध्यम से मांग पत्र देकर महिला पत्रकारों के संबंध में अनूप गुप्ता द्वारा प्रकाशित शर्मनाक घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गयी है और वरिष्ठ पत्रकारों को कुत्ता लिखे जाने की अपमानजनक खबरों के संबंध में भी विशेष जांच दल गठित करने की मांग रखी गयी है, राज्यपाल महोदया को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया है कि पूर्व में विशेष जांच दल (SIT) की जांच आख्या में अनूप गुप्ता द्वारा लेखों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से गणमान्य व्यक्तियों के विरुद्ध सुनियोजित तरीके से असत्य लेख प्रकाशित कर अपमानी करते हुए सरकार की छवि धूमिल करने के सभी आरोप सिद्ध पाए गए हैं एवं अनूप गुप्ता की पत्नी सुनीता गुप्ता द्वारा मान्यत प्राप्त पत्रकार की भूमिका में मासिक पत्रिकाओं का संचालन करते हुए प्रदेश सरकार से विज्ञापन के नाम पर वित्तीय सहायता भी प्राप्त की जाती है।
राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के संयुक्त सचिव अनिल सैनी द्वारा बताया गया कि पत्रकारों के मान-सम्मान, खास तौर पर महिला पत्रकारों के लिए अमर्यादित टिप्पणी करने के संबंध में जिस तरह का समाचार प्रकाशित किया गया है उसकी सत्यता और साक्ष्य संकलित किया जाना अति आवश्यक है और जिसके द्वारा भी ऐसा कार्य किया गया है उसपर कठोर कार्यवाही किये जाने के उपरांत ही सभी पत्रकार साथी शांत होंगे।
अनिल सैनी द्वारा पत्रकारों की इज़्ज़त, गरिमा, मान मर्यादा के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना करते हुए वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा पूर्ण सहयोग दिए जाने की बात कही है, वहीं अनेक महिला पत्रकारों द्वारा इस गंभीर प्रकरण पर शासन प्रशासन द्वारा कार्यवाही न किये जाने पर धरना दिए जाने की बात भी उठायी है क्योंकि ये मुद्दा सिर्फ महिला पत्रकारो का नही है बल्कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत सभी महिलाओं को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने से जुड़ा है और अनूप गुप्ता के समाचार पत्र द्वारा जिस तरह समाचार प्रकाशित करके महिलाओं में भय का माहौल बनाते हुए योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया है उसकी सत्यता की जांच आवश्यक है।




