Parliament Monsoon Session: मानसून सत्र के लिए मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, लाने जा रहे ये 8 बड़े बिल, जस्टिस वर्मा पर भी एक्शन!

नई दिल्ली । 21 जुलाई से शुरु होने जा रहे संसद के मानसून सत्र में करीब 8 बिल लाने की तैयारी चल रही है। खबर है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस मानसून सत्र में आयकर विधेयक को संसद की मंजूरी दिलाने की तैयारी में है।

इसके साथ ही आठ नए विधेयकों को भी पेश किया जाएगा। इसके अलावा, हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी संसद में लाया जा सकता है। घर में भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जस्टिस वर्मा सवालों के घेरे में हैं। बता दें कि यह विधेयक ऐसे समय में आ रहा है जब हाल के वर्षों में कई खेल महासंघों में गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर विवाद सामने आए हैं।

इसलिए सरकार इस विधेयक के जरिए खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है।लोकसभा की एक आंतरिक बुलेटिन के अनुसार, इनमें खेलों में नैतिक आचरण और सुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक और देश की भू-वैज्ञानिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक भी शामिल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मानसून सत्र में कुल 12 विधेयकों को शामिल किया गया है, जिनमें कुछ पहले से संसद में पेश किए जा चुके हैं और कुछ अभी संसदीय समितियों के विचाराधीन हैं। यह सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। सरकार मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के लिए भी दोनों सदनों से मंजूरी मांगेगी। मणिपुर में यह शासन 13 फरवरी 2025 को लागू किया गया था। इसके अलावा, हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी संसद में लाया जा सकता है। घर में भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जस्टिस वर्मा सवालों के घेरे में हैं।सरकार इस सत्र में ‘जियोहेरिटेज साइट्स एंड जियो-रिलिक्स (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, 2025’ भी लाने जा रही है। इसका उद्देश्य देश के भू-वैज्ञानिक महत्व वाले स्थलों और अवशेषों की घोषणा, संरक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करना है। इस विधेयक के माध्यम से भू-वैज्ञानिक अध्ययन, शिक्षा, अनुसंधान, जनजागरूकता और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

‘नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025’ देश में खेलों के विकास, खिलाड़ियों की भलाई और खेलों में नैतिक आचरण को संस्थागत स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है। यह विधेयक खेल संघों के संचालन के लिए एक संरचित और नैतिक ढांचा तैयार करेगा, जो ओलंपिक और पैरा ओलंपिक चार्टर, अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम मानकों और कानूनी सिद्धांतों पर आधारित होगा।

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