बेलवाली, कर्नाटक के बेलगावी जिले के मुन्याल गांव के निवासियों ने रविवार को बारिश की आस में दो गधों की शादी कराकर सदियों पुरानी लोक परंपरा को जीवित किया है। मुदलागी तालुक के हनुमान मंदिर में यह प्रतीकात्मक विवाह कराया गया।
ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि इससे वर्षा देवता प्रसन्न होते हैं और अच्छी बारिश होती है। ‘कांतेश’ नाम के दूल्हे और ‘कस्तूरी’ नाम की दुल्हन गधे की पूरे रीति-रिवाज से शादी करायी गयी। इस दौरान ग्रामीण वर-वधू पक्ष के परिवारों में बंट गये और सबने पारंपरिक उत्सव मनाकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
सोशल मीडिया पर शादी का निमंत्रण कार्ड वायरल होने से यह अनोखा आयोजन चर्चा में आ गया, लेकिन ग्रामीणों के लिए इसका गहरा महत्व है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्ती के कारण खेती ठप पड़ी है। ऐसे में बारिश पर निर्भर किसानों का यह कदम उनकी अटूट आस्था और लाचारी दोनों बयान करता है।
आज भले ही हर जगह मौसम के आधुनिक पूर्वानुमानों पर भरोसा किया जाता है, लेकिन ग्रामीण कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गधों की शादी जैसी परंपराएं आज भी जिंदा हैं। यहां जब भी मानसून दगा देता है, लोग इन सदियों पुरानी प्रथाओं को अपनाना फिर से शुरू कर देते हैं।
ओडिशा, बंगाल में भारी बारिश
वहीं, दूसरी ओर देश के कई राज्य हैं, जहां पर इन दिनों भारी बरसात हो रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का एक स्पष्ट क्षेत्र अब एक अवदाब (गहरे कम दबाव के क्षेत्र) में बदल गया है, जिससे अगले कुछ दिनों में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है। इस घटनाक्रम को देखते हुए ओडिशा के सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के आस-पास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र एक अवदाब में बदल गया है। यह बालासोर से दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और दीघा से दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में 50 किलोमीटर की दूरी पर केंद्रित है। विभाग के अनुसार, इसके अगले एक दिन में चांदबाली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की बहुत अधिक संभावना है।
ओडिशा के 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
आईएमडी ने संबलपुर, अंगुल, बौध, सोनपुर और कंधमाल में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया, जो रंग आधारित चेतावनी व्यवस्था का सर्वोच्च स्तर है। 19 अन्य जिलों में ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया, जिसमें लोगों से किसी भी आपदा की स्थिति में कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया, और छह अन्य ज़िलों के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया।




