झाँसी, उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और बर्बर वारदात सामने आई है। यहां के मऊरानीपुर इलाके में एक सगे भांजे ने अपने साले के साथ मिलकर 69 वर्षीय बुजुर्ग मामा की ऐसी नृशंस हत्या की, जिसे सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए।
जमीन के लालच और मामा की टोका-टाकी से नाराज भांजे ने पहले बुजुर्ग का अपहरण किया, फिर गला घोंटने और पत्थर से सिर कुचलने के बाद जब उनकी सांसें चलती रहीं, तो उन्हें कार से पेट्रोल निकालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और सर्विलांस की मदद से हुआ है।
अविवाहित मामा ने भांजे के नाम की थी 30 बीघा जमीन, सब बेचकर उड़ाए पैसे
मऊरानीपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) रत्नेश कुमार ने बताया कि मूल रूप से महोबा जिले के दिदवारा गांव के रहने वाले 69 वर्षीय नेपाल सिंह पिछले 30 सालों से झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र के धमना पायक गांव में रह रहे थे। नेपाल सिंह आजीवन कुंवारे रहे और उन्होंने शादी नहीं की थी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और संपत्ति अपने भांजे प्रीतम, अपनी बहन सुधा देवी और बहनोई के नाम कर दी थी।
भांजा प्रीतम बेहद शातिर और खर्चीला था। उसे मामा की तरफ से जो करीब 30 बीघा जमीन मिली थी, उसे वह पहले ही बेचकर पैसे उड़ा चुका था। अब उसकी काली नजर अपनी मां के हिस्से की जमीन पर थी, जिसे वह औने-पौने दामों में बेचना चाहता था। बुजुर्ग मामा नेपाल सिंह भांजे की इस बर्बादी का लगातार विरोध कर रहे थे और उसे गलत काम करने से टोकते थे।
दो दिन में जान से मार दूंगा बड़े मामा को फोन पर दी थी खुली चुनौती
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि प्रीतम अपने मामा नेपाल सिंह की रोज-रोज की टोका-टाकी से इस कदर नाराज हो गया था कि उसने उन्हें रास्ते से हटाने का पूरा प्लान बना लिया। आरोप है कि हत्या की वारदात को अंजाम देने से ठीक दो दिन पहले, यानी 27 जून को प्रीतम ने अपने बड़े मामा वीर सिंह को फोन किया था। फोन पर उसने खुली धमकी देते हुए कहा था कि “अगर नेपाल सिंह दो दिन के भीतर मेरे घर से नहीं गए, तो मैं उन्हें जान से मार दूंगा।” परिवार ने इस धमकी को सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन प्रीतम के दिमाग में खौफनाक साजिश पक रही थी।
सुबह तड़के किया किडनैप; सीसीटीवी कैमरे ने खोल दी कलयुगी भांजे की पोल
29 जून की सुबह तड़के अचानक बुजुर्ग नेपाल सिंह रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कहीं पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने लहचूरा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला एक बुजुर्ग से जुड़ा होने के कारण थाना प्रभारी सरिता मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत तफ्तीश शुरू की।
पुलिस ने जब गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। फुटेज में साफ दिखा कि सुबह के वक्त प्रीतम अपनी कार में जबरन नेपाल सिंह को बैठाकर ले जा रहा था। इस पुख्ता सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए प्रीतम को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सामने रखी तो वह टूट गया और उसने मामा की रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर स्टोरी बयां कर दी।
एमपी के करारा गंज जंगल में तड़पा-तड़पा कर दी मौत, एक आरोपी अब भी फरार
कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रीतम ने बताया कि वह 29 जून को अपने मामा का अपहरण कर सीधे मध्य प्रदेश के अलीपुरा थाना क्षेत्र के करारा गंज गांव पहुंचा। वहां उसका साला गोलू और एक साथी अनुज पहले से कार का इंतजार कर रहे थे। तीनों ने मिलकर पहले नेपाल सिंह का गला घोंटने का प्रयास किया। जब वे नहीं मरे, तो भारी पत्थर उठाकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनका एक दांत टूट गया और वे लहूलुहान हो गए।
इतनी बर्बरता के बाद भी जब बुजुर्ग की सांसें चलती रहीं, तो आरोपियों ने अपनी ही कार की टंकी से पाइप डालकर पेट्रोल निकाला। तड़प रहे बुजुर्ग मामा पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया। जब वे पूरी तरह जल गए, तो शव को एमपी के घने जंगलों में फेंककर तीनों फरार हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी भांजे प्रीतम और उसके साले गोलू को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। वारदात में शामिल तीसरे आरोपी अनुज की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।




