अब डिजिटल वॉलेट में ₹2 लाख तक रख सकेंगे बैलेंस, नए नियमों का ड्राफ्ट जारी, RBI का बड़ा कदम

नई दिल्ली, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) यानी डिजिटल वॉलेट और कार्ड्स के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है. PPI एक ऐसा पेमेंट सिस्टम है, जिसमें पहले पैसे लोड किए जाते हैं और बाद में उसी रकम से भुगतान किया जाता है.

इसे अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है. जैसे- जनरल PPI, गिफ्ट PPI, ट्रांजिट PPI (सफर के लिए), NRI के लिए PPI और अन्य खास उपयोग वाले PPI. डिजिटल वॉलेट और कार्ड्स के लिए नए नियमों का फोकस लेनदेन को ज्यादा सुरक्षित बनाना और रिफंड व शिकायतों के समाधान के प्रोसेस को मजबूत करना है. RBI ने इस पर 22 मई तक लोगों से सुझाव भी मांगे हैं.

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, जिन बैंकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से डेबिट कार्ड जारी करने की अनुमति है, वे पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम विभाग (DPSS) को सूचना देकर PPI जारी कर सकेंगे. वहीं, नॉन-बैंकिंग कंपनियां भी RBI की मंजूरी लेकर यह सर्विस शुरू कर सकती हैं.

जनरल पर्पज PPI

RBI ने PPI यानी डिजिटल वॉलेट और कार्ड्स के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने, रिफंड प्रोसेस सुधारने और शिकायतों के समाधान के लिए साफ नियम तय करने का प्रपोजल है. PPI को अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है. जनरल पर्पज PPI (जैसे ई-वॉलेट) में एक समय पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक ही बैलेंस रखा जा सकेगा और कैश के जरिए इसमें महीने में सिर्फ 10,000 रुपये तक ही पैसे डाले जा सकेंगे.

ट्रांजिट PPI

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ड्राफ्ट के अनुसार, ‘गिफ्ट PPI’ की अधिकतम वैल्यू 10,000 रुपये और ‘ट्रांजिट PPI’ (जैसे मेट्रो या बस कार्ड) की लीमिट 3,000 रुपये तय करने का प्रस्ताव है. RBI का कहना है कि लेनदेन को ज्यादा सुरक्षित बनाने और PPI सिस्टम के लंबे समय तक विकास को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नियमों की व्यापक समीक्षा की गई है, और इसी के तहत नया मसौदा जारी कर 22 मई 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं.

नॉन-बैंकिंग कंपनियों के लिए नियम

ड्राफ्ट के मुताबिक, जिन बैंकों को डेबिट कार्ड जारी करने की अनुमति मिली हुई है, वे RBI के पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम विभाग (DPSS), मुंबई को सूचना देकर PPI जारी कर सकते हैं. इसके अलावा, नॉन-बैंकिंग कंपनियां भी RBI से मंजूरी लेने के बाद PPI जारी करने के लिए पात्र होंगी. हालांकि, नॉन-बैंकिंग कंपनियों के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. उन्हें कम से कम 5 करोड़ रुपये का नेटवर्थ रखना होगा और अपने ऑडिटर से इसका प्रमाण पत्र भी देना होगा, तभी वे PPI जारी कर पाएंगी

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