नई दिल्ली, सऊदी अरब में मक्का से मदीना जा रही बस डीजल टैंकर से टकराने पर आग में झुलसकर 45 भारतीयों की मौत हो गई। केवल हैदराबाद का शोएब जिंदा बचा। भारत सरकार, तेलंगाना सरकार और दूतावास ने राहत कार्य और सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
सोमवार को सऊदी अरब में हुए एक भीषण सड़क हादसे में 45 भारतीयों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मक्का से मदीना जा रही बस एक डीजल टैंकर से टकरा गई, जिससे उसमें आग लग गई।
मक्का से मदीना जाते समय इनकी बस डीजल टैंकर से टकरा गई और इसमें आग लग गई. मृतकों में 18 महिलाएं, 17 पुरुष और 10 बच्चे शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, हादसे में सिर्फ बस का ड्राइवर आश्चर्यजनक तरीके से बच गया. हादसे की खबर सुनते ही पीड़ित परिवारों में मातम पसर गया. बीती रात करीब 1:30 बजे एक पैसेंजर बस के डीजल टैंकर से टकराने से ये हादसा हुआ. हज यात्री मक्का में अपने पवित्र अनुष्ठान पूरे करने के बाद मदीना जा रहे थे. दुर्घटना के समय सभी यात्री गहरी नींद में थे.
हादसे का शिकार हुई बस में अधिकांश दक्षिण भारतीय तीर्थयात्री थे, जो हैदराबाद और आस-पास के रहने वाले थे. गल्फ न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक हादसे के समय कई यात्री कथित तौर पर सो रहे थे, जिससे टक्कर के बाद आग लगने पर उन्हे बचने का मौका तक नहीं मिला.
हेल्पलाइन नंबर जारी
गल्फ न्यूज़ की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि मृतकों में कम से कम 11 महिलाएं और 10 बच्चे भी शामिल हैं, हालांकि अधिकारी अभी भी संख्या की पुष्टि कर रहे हैं. तेलंगाना सरकार ने कहा है कि वह रियाद स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है. सीएम रेवंत रेड्डी ने दिल्ली स्थित अधिकारियों से दूतावास के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने को कहा है.
सरकार ने दुर्घटना में तेलंगाना के पीड़ितों की संख्या का विवरण एकत्र करने के लिए रेजिडेंट कमिश्नर की नियुक्ति की है और राज्य सचिवालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है. सरकार ने पीड़ितों के परिवारों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम के नंबर +91 7997959754 और +91 9912919545 जारी किए हैं. वहीं जेद्दा स्थित भारतीय दूतावास ने भी सहायता के लिए एक 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (8002440003) जारी किया है.
पीएम मोदी ने इस हादसे पर संवेदना जताते हुए कहा, ‘मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुर्घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है’. मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बस में आग लगने के समय 42 उमराह तीर्थयात्री सवार थे. वह रियाद स्थित भारतीय दूतावास में मिशन के उप प्रमुख (डीसीएम) अबू माथेन जॉर्ज के संपर्क में हैं. ओवैसी ने केंद्र सरकार से शवों को भारत लाने और घायलों को जरूरी मेडिकल हेल्प देने की अपील की है.
हैदराबाद स्थित दो एजेंसियों (अल-मीना हज और उमराह ट्रैवल्स) के जरिए यात्रा करने वाले लगभग 16 उमराह तीर्थयात्री इस विनाशकारी बस अग्निकांड में मारे गए हैं. ये सभी 16 लोग हैदराबाद के मल्लेपल्ली बाजार घाट के निवासी हैं.




