लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली से पहले खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य के 14 लाख से अधिक कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) पांच फीसदी बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है।
इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को अब 58 फीसदी की जगह 63 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएंगी।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार की ओर से 7 नवंबर को जारी शासनादेश में बढ़े हुए डीए और बकाया राशि के भुगतान का तरीका भी बताया गया है। इसके तहत कर्मचारियों को जुलाई से अक्टूबर तक का एरियर और नवंबर से बढ़ी हुई दर पर नकद डीए मिलेगा। हालांकि, पीएफ और एनपीएस से जुड़े कर्मचारियों के भुगतान के नियम अलग-अलग रखे गए हैं।
इन कर्मचारियों को मिलेगा बढ़े हुए DA का लाभ
सरकार के इस फैसले का फायदा पूर्णकालिक नियमित राज्य कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों तथा कार्यभारित कर्मचारियों को भी बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा। यूजीसी वेतनमान के तहत काम करने वाले पदधारक भी इसके दायरे में शामिल हैं।
शासनादेश के अनुसार, 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़े हुए महंगाई भत्ते का बकाया भविष्य निधि (PF) खाते में जमा किया जाएगा। वहीं, नवंबर 2026 के वेतन के साथ 63 फीसदी की दर से डीए का नकद भुगतान होगा।
राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) वाले कर्मचारियों के एरियर की 10 फीसदी राशि टियर-1 पेंशन खाते में जमा होगी। इसमें सरकार या नियोक्ता की ओर से 14 फीसदी अंशदान भी दिया जाएगा। बाकी 90 फीसदी राशि पीपीएफ या एनएससी के रूप में मिलेगी।
रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पूरा पैसा नकद
जिन कर्मचारियों की नौकरी शासनादेश जारी होने से पहले समाप्त हो चुकी है या जो 1 जुलाई से आदेश जारी होने के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें डीए का पूरा बकाया नकद मिलेगा। अगले छह महीने में रिटायर होने वाले कर्मचारी भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
इससे पहले योगी सरकार ने कर्मचारियों को वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का तदर्थ बोनस देने की घोषणा की थी। इसकी अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों के अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और कार्यभारित कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव दीपक कुमार के आदेश के मुताबिक, बोनस की 75 फीसदी राशि जीपीएफ खाते में जमा होगी, जबकि बाकी 25 फीसदी रकम नकद दी जाएगी।




