12 बीघा जमीन के लिए कातिल बना बेटा, लोहे की रॉड से पीटकर पिता को उतारा मौत के घाट, उत्तर प्रदेश के महोबा की घटना

महोबा, उत्तर प्रदेश के महोबा में जमीन विवाद के चलते एक कलयुगी बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी. वारदात खन्ना थाना क्षेत्र के ग्योडी गांव की है, जहां 12 बीघा जमीन के लालच में बेटे ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.

12 बीघा जमीन अपने नाम करने को लेकर बनाता था दवाब

रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली यह खौफनाक वारदात महोबा जिले के खन्ना थाना इलाके के ग्योडी गांव से सामने आई है. यहां रहने वाले बुजुर्ग सुंदरलाल को क्या मालूम था कि जिस बेटे को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया, वही एक दिन उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा. बताया जा रहा है कि सुंदरलाल का मझला पुत्र जयहिंद पिछले कई दिनों से अपने पिता पर 12 बीघा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करने का लगातार दबाव बना रहा था. वह अक्सर शराब के नशे में धुत होकर घर आता और जमीन के बैनामे को लेकर बुजुर्ग पिता के साथ गाली-गलौज और विवाद करता था.

बड़े भाई की मौत के बाद जमीन हथियाने को लेकर किया वार

दरअसल, इस विवाद के पीछे एक बड़ी वजह थी. बुजुर्ग सुंदरलाल का बड़ा बेटा राजेंद्र काफी समय से बीमार चल रहा था. उसके इलाज के लिए सुंदरलाल ने अपनी जमीन गिरवी रख दी थी, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद चार साल पहले बीमारी के चलते राजेंद्र की मौत हो गई. बड़े भाई की मौत के बाद जयहिंद की नीयत जमीन पर डोल गई और उसे पूरी जमीन हथियाने का लालच आ गया. जब बुजुर्ग पिता ने जमीन का बैनामा करने से साफ इनकार कर दिया, तो जयहिंद का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उसने तैश में आकर लोहे की भारी रॉड उठाई और अपने लाचार पिता पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें लहूलुहान और मरणासन्न कर दिया.

चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने जिला अस्पताल में कराया भर्ती

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस की मदद से गंभीर रूप से जख्मी सुंदरलाल को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जिला अस्पताल के डॉक्टर शिशुपाल के मुताबिक, बुजुर्ग को बेहद नाजुक हालत में आपातकालीन वार्ड में लाया गया था. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था, लेकिन बदकिस्मती से परिजन उन्हें बाहर नहीं ले जा सके और जिला अस्पताल में ही इलाज के दौरान सुंदरलाल ने दम तोड़ दिया.

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