लखनऊ, उत्तर प्रदेश में अब दो व चार पहिया मोटर कैब, मैक्सी कैब और 7500 किग्रा. भार ले जाने माल वाहनों को अब वन टाइम रोड टैक्स ही देना होगा। अभी तक इन वाहनों से मासिक,त्रैमासिक व वार्षिक रोड टैक्स जमा कराने की भी सुविधा थी।
इसी तरह रोडवेज बसें,7500 किग्रा. से अधिक भार ढोने वाले माल वाहन, बड़े ट्रक (10-12-18 टायर वाले), ड्राइविंग सिखाने वाले वाहनों और व्यवसायिक इस्तेमाल वाले ट्रैक्टरों पर यह नियम लागू नहीं होगा। इनके लिए अब त्रैमासिक व वार्षिक रोड टैक्स जमा करने की ही सुविधा बरकरार रहेगी। इन वाहनों को अब पहले की तरह मासिक रोड टैक्स जमा करने की सुविधा नहीं मिलेगी। उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान अधिनियम, 1997 की धारा 4 एवं 9 में संशोधन कर उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत परिवहन विभाग के वन टाइम रोड टैक्स वाले इस प्रस्ताव को कैबिनेट में गुरुवार को पास कर दिया गया।
राजस्व में वृद्धि होगी इस व्यवस्था
अफसरों के मुताबिक इस नई वन टाइम टैक्स व्यवस्था से राजस्व में वृद्धि सम्भव होगी। पिछले काफी समय से वाहनों के कर ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था और न ही कर की दरों में वृद्धि की गई। इससे इतर इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए इन पर रोड टैक्स में छूट देने का प्रावधान किया गया है। इस छूट से सरकार को मिलने वाले राजस्व में कमी भी आई। प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाए जाने के लक्ष्य को पाने के लिए ही दो पहिया, चार पहिया मोटर कैब व मैक्सी कैब समेत अन्य माल वाहनों की मासिक, त्रैमासिक, वार्षिक रोड टैक्स देने की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। अब इनसे वन टाइम टैक्स ही लिया जाएगा।




