जेद्दा, सऊदी अरब से इंसानियत, रहमदिली और माफी की एक ऐसी भावुक मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे अरब समाज की आंखें नम कर दी हैं। जेद्दा में साल 2019 में एक विवाद के दौरान जवान बेटे अहमद अल-कुरैकिरी की हत्या हो गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने कातिल मतराक अल-कहतानी को फांसी (किसास) की सजा मुकर्रर कर दी।
फांसी के फंदे पर लटकने में जब सिर्फ चंद घंटे बचे थे, तब कातिल के परिवार और कबीले के लोगों ने मृतक के पिता हामिद अल-कुरैकिरी को करोड़ों रियाल (दियत/ब्लड मनी) की पेशकश की। लेकिन एक दुखी पिता ने यह कहते हुए हर आर्थिक प्रलोभन ठुकरा दिया कि “मेरे बेटे के खून की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती।”
अचानक वह खुद चलकर कातिल के घर पहुंचे और ऐलान किया कि वह केवल ‘अल्लाह की रज़ा’ और आखिरत (परलोक) के सवाब के लिए अपने बेटे के कातिल को बिना एक भी पैसा लिए माफ कर रहे हैं। यह सुनते ही उस इकलौते बेटे (कातिल) की बेबस मां उनके पैरों में गिरकर रोने लगी। बदले की आग पर ‘माफी’ की इस जीत ने दुनिया के सामने अखलाक़ और इंसानियत की एक ऐसी अमर मिसाल कायम कर दी है, जिसे पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।



