झांसी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे शनिवार को एक बड़े सड़क हादसे ने एक ही परिवार के पांच लोगों को निगल लिया। झांसी के मोहम्मद जमाल उर्फ राजू और परिवार के सदस्य के बरेली में सकलैन मियां हुजूर की दरगाह पर दुआ मांगने जा रहे थे।
इनको वहां उर्स में भी शामिल होना था।
दो कार में मोहम्मद जमाल उर्फ राजू के परिवार के लोग निकले थे, लेकिन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह हुए एक भीषण हादसे ने खुशियों के इस सफर को मातम में बदल दिया। औरैया-इटावा सीमा के अछल्दा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुस गई।
इस हादसे में कार में सवार मोहम्मद जमाल उर्फ राजू (50) और बड़ी बहन शकीला बानो (62) की मौके पर मौत हो गई। जमाल की बेटी व शकीला की बहू रेहाना और रिश्तेदार भांडेरी गेट निवासी फिरोज की सैफई के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। रेहाना की आठ वर्षीय बेटी ताहिरा की हालत गम्भीर बताई गई है। उसे झांसी लाया जा रहा है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के सलीम का बाग के मोहम्मद जमाल उर्फ राजू समाजसेवा से जुड़े होने के साथ रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करते थे। उनकी बड़ी बहन शकीला बानो उन्नाव गेट के शांति कुंज में रहती थीं। जमाल के भाई हफीज ने बताया कि परिवार के लोग बरेली उर्स में शामिल होने के लिए दो कार से निकले थे। दूसरी कार में शकीला के बेटे रानू, बंटी, सोनू, इसरत आदि अन्य लोग थे। हादसे वाली कार में जमाल, शकीला और उनके परिवार के सदस्य सवार थे।
कार के सुबह लगभग नौ-दस बजे के मध्य अछल्दा क्षेत्र में पहुंचते ही कार के आगे सामने चल रहे ट्रक ने ब्रेक लगाए। कार चालक जब तक संभलता, कार ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्विफ्ट डिजायर का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। कार में फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनकर एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे लोग रुके और बचाव कार्य शुरू किया। सूचना पर डायल 112, अछल्दा थाना पुलिस और यूपीडा की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से निकाला गया।
घायलों को यूपीडा की एंबुलेंस से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मोहम्मद जमाल और शकीला बानो को मृत घोषित कर दिया। मोहम्मद फिरोज व रेहाना ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रेहाना की आठ वर्षीया बेटी ताहिरा को गंभीर हालत में झांसी लाया गया।
छह भाई थे जमाल
जमाल की मौत की खबर पहुंची तो सलीम का बाग और आसपास का इलाका गम में डूब गया। मोहम्मद हफीज ने बताया कि वह लोग छह भाई थे। एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब जमाल के जाने के बाद परिवार में चार भाई ही बचे हैं।




