नई दिल्ली, कैलेंडर का पन्ना पलटते ही आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। 1 मार्च 2026 से सिम कार्ड, बैंकिंग और रेलवे से जुड़े ऐसे बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा प्रभाव आपके स्मार्टफोन के इस्तेमाल और घर के बजट पर पड़ेगा।
इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना और सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है। आइए जानते हैं वे 5 बड़े बदलाव जो कल से प्रभावी हो रहे हैं:
1. अब सिम निकाला तो बंद हो जाएगा WhatsApp
डिजिटल धोखाधड़ी और ‘ओटीपी स्कैम’ पर लगाम लगाने के लिए सरकार कल से सिम बाइंडिंग (SIM Binding) का कड़ा नियम लागू कर रही है।
- अब आपका WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स सीधे आपके सिम कार्ड से “लॉक” रहेंगे।
- यदि आप अपने फोन से सिम कार्ड निकालते हैं, तो ये ऐप्स तुरंत काम करना बंद कर देंगे। अब बिना एक्टिव सिम के वाई-फाई के जरिए इन ऐप्स का क्लोन या इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं होगा।
2. ‘RailOne’ बनेगा नया सारथी
ट्रेन यात्रियों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण अपडेट है। जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने का पुराना तरीका अब बदलने जा रहा है।
- 1 मार्च से रेलवे का पुराना UTS ऐप बंद किया जा सकता है। इसकी जगह अब नया ‘RailOne’ ऐप पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
- यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले ही ‘RailOne’ ऐप डाउनलोड कर लें ताकि स्टेशन पर टिकट के लिए लंबी कतारों में न फंसना पड़े।
3. LPG सिलेंडर
हर महीने की पहली तारीख की तरह, तेल कंपनियां कल रसोई गैस (LPG) की कीमतों की समीक्षा करेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। घरेलू रसोई गैस के उपभोक्ताओं की नजरें भी इस बदलाव पर टिकी रहेंगी।
4. बैंक खातों में अब ‘एवरेज’ का खेल
अगर आप मिनिमम बैलेंस न रख पाने के डर से परेशान रहते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। अब बैंक बैलेंस की गणना का तरीका बदल रहे हैं।
- अब बैंक किसी एक विशेष दिन के बैलेंस के बजाय Average Monthly Balance (AMB) को आधार मानेंगे।
- यदि किसी दिन इमरजेंसी में आपके खाते से पैसे कम हो जाते हैं, तो आप अगले कुछ दिनों में ज्यादा बैलेंस रखकर महीने का औसत बराबर कर सकते हैं और भारी जुर्माने से बच सकते हैं।
5. हाई-वैल्यू UPI ट्रांजैक्शन
बड़ी रकम का ऑनलाइन ट्रांसफर अब सिर्फ पिन (PIN) के भरोसे नहीं होगा। 1 मार्च से बैंक हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त बायोमेट्रिक्स या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर रहे हैं। यदि आप बड़ी राशि भेज रहे हैं, तो फिंगरप्रिंट या फेस-आईडी जैसे अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है।




