लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। बिजली बिल में बढ़े हुए ईंधन अधिभार शुल्क को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर ब्याज देने का फैसला किया है। इस निर्णय से करोड़ों उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
3.73 करोड़ उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इसके तहत करीब 300 करोड़ रुपये की ब्याज राशि उपभोक्ताओं में वितरित की जाएगी। यह राशि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित की जाएगी या फिर अगले बिलिंग चक्र में इसका लाभ दिया जाएगा।
6.50% की दर से मिलेगा ब्याज
नियमों के अनुसार, उपभोक्ताओं की जमा सिक्योरिटी राशि पर हर साल 1 अप्रैल को लागू बैंक दर के आधार पर ब्याज दिया जाता है। वर्ष 2025 में यह दर 6.50 प्रतिशत तय की गई थी। इसी आधार पर बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी पर ब्याज की गणना कर उसे बिलिंग सिस्टम में शामिल कर दिया है।
कानूनी प्रावधान के तहत लाभ
यह व्यवस्था विद्युत अधिनियम 2003 और विद्युत वितरण संहिता 2005 के प्रावधानों के तहत लागू की गई है। इसके अनुसार, हर उपभोक्ता को उसकी जमा सिक्योरिटी राशि पर ब्याज पाने का अधिकार है। इस कदम को उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
4616 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की कुल औसत सिक्योरिटी जमा राशि लगभग 4616 करोड़ रुपये रही। इसी आधार पर ब्याज की गणना की गई है, जो उपभोक्ताओं के खातों में समायोजित किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
बिजली उपभोक्ता परिषद ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि किसी उपभोक्ता को सिक्योरिटी राशि पर ब्याज का लाभ नहीं मिला है, तो वे संबंधित बिजली वितरण कंपनी से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।




