लखनऊ, विधानभवन के सामने हुए एक प्रदर्शन को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष की स्थिति सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और भाजपा नेत्री ऋतु शाही द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद पार्टी नेतृत्व ने नाराजगी जताई है और दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला उस समय चर्चा में आया जब महिला आरक्षण बिल के समर्थन और विरोध के बीच विधानभवन के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अपर्णा यादव और ऋतु शाही ने कुछ अन्य महिलाओं के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के प्रतीकात्मक झंडों को लेकर प्रदर्शन किया।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व का मानना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को इस प्रकार के सार्वजनिक और आक्रामक प्रदर्शनों से बचना चाहिए था, क्योंकि इससे अनावश्यक राजनीतिक विवाद उत्पन्न होता है।
इसी बीच समाजवादी पार्टी की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई, जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। विपक्षी बयानबाजी के बाद मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ और इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
बताया जा रहा है कि पार्टी स्तर पर इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित नेताओं को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
वहीं अपर्णा यादव की ओर से यह सफाई भी सामने आई है कि उनका उद्देश्य महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखना था और यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक टकराव के लिए नहीं था।
फिलहाल भाजपा नेतृत्व की ओर से इस मामले में अंतिम निर्णय आना बाकी है और पार्टी के भीतर इस घटना को लेकर मंथन जारी है।




