लखनऊ के नक्खास इलाके में एक साथ उठे तीन जनाजे तो हर आंख हो गई नम

लखनऊ, राजधानी लखनऊ के नक्खास इलाके में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अमरोहा में गंगा एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार दिन में एक साथ तीन शव लखनऊ पहुंचे तो कोहराम मच गया। नक्खास के चावल वाली गली स्थित भाई के घर से एक साथ तीन जनाजे उठे तो हर आंख नम हो उठी।

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मृतकों को सुप्पा कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। मोहल्ले के लोग गम में डूबे हैं। यह परिवार कश्मीर में गर्मी की छुट्टियां मनाकर स्कार्पियो से लौट रहा था। हादसे में आठ लोग जख्मी हैं, जिनमें तीन लोग संभल के अस्पताल में भर्ती हैं। चौक नक्खास इलाके की शीरमाल वाली गली निवासी चप्पल, जूते व चमड़ा कारोबारी अबू बकर (40) परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। 10 जून को सुबह करीब 10:30 बजे अमरोहा के सैद नगली क्षेत्र में स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकरा गई थी। स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

हादसे में मौके पर ही अबू बकर, छोटे भाई की पत्नी हिना (28), भांजी जुनैरा (15) की मौत हो गई थी। अबू बकर का संभल और हिना व जुनैरा का मुरादाबाद में पोस्टमार्टम हुआ। पांच घायलों का इलाज संभल और तीन का मुरादाबाद में चल रहा है। घायलों में अबू बकर की पत्नी कुलसुम (38), भाई मो. उमर (32), भांजी सिदरा (14) व हनिया (दो), हिना का बेटा मोहम्मद (चार), अफ्फान व अफीफा, जुड़वा (सात) और हामना (10) घायल हुए। स्कार्पियो में कुल 11 लोग थे.

कारोबारी अबू बकर के शीरमाल वाली गली वाले घर पर ताला लटका हुआ था। पड़ोसियों ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद से ही लोग घर पर जुटने लगे थे, लेकिन वहां ताला लगा हुआ था। सभी के शव और संभल में भर्ती घायलों को अबू बकर के भाई के दुबग्गा अंधे की चौकी के पास स्थित घर ले जाया गया। अंतिम संस्कार में नक्खास व आसपास के इलाके से लोग शामिल हुए। परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे.

सीने में तेज दर्द पर गाड़ी हुई अनियंत्रित

कारोबारी अबू बकर स्कार्पियो चला रहे थे। स्कार्पियो में बैठे परिजनों के मुताबिक अबू बकर को सीने में तेज दर्द उठा। उसके बाद ही स्कार्पियो की स्टेयरिंग अचानक से घूमी और डिवाइडर से जा टकराई थी। कोई कुछ समझ ही नहीं पाया था कि अबू बकर को क्या हुआ।

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