LPG Booking Rules: 1 मई से बदल सकते हैं नियम, रसोई गैस बुकिंग पर लग सकती है नई पाबंदी

नई दिल्ली, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई रूकने का खतरे बढ़ता जा रहा है। जिसे देखते हुए भारत में रसोई गैस को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है।

25 दिनों बाद दूसरा सिलेंडर कर पाएंगे बुक नए नियमों के अनुसार, सिलेंडर बुकिंग के बीच मिनिमम 25 दिनों का अंतर जरूरी किया जा सकता है। यानी अगर आपने एक बार गैस बुक कर ली है, तो अगली बुकिंग के लिए आपको लगभग एक महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो महीने में एक से ज्यादा बार सिलेंडर लेते हैं।

बिना OTP के सिलेंडर डिलीवरी नहीं इसके अलावा OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को भी लागू करने की योजना है। यानि जब आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए निकलेगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। डिलीवरी के समय यह OTP बताना अनिवार्य होगा, तभी सिलेंडर आपको सौंपा जाएगा। बिना OTP के डिलीवरी नहीं की जाएगी, जिससे फर्जी डिलीवरी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।

भारत को रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत जानकारी के लिए बता दें कि सप्लाई की स्थिति को देखें तो भारत को रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है, जबकि देश में उत्पादन लगभग 46,000 टन प्रतिदिन है। यानी बाकी जरूरत आयात से पूरी होती है। पहले भारत अपनी लगभग 90% LPG जरूरत खाड़ी देशों से पूरी करता था, लेकिन अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी गैस खरीदना शुरू कर दिया है।

युद्ध संकट के हालात को देखते हुए भारत ने स्पॉट मार्केट से भी LPG खरीदना शुरू किया है। इसका मतलब है कि जब जरूरत हो, उसी समय बाजार से गैस खरीदी जाए ताकि अचानक आई कमी को तुरंत पूरा किया जा सके। सरकार के मुताबिक, अब तक लाखों टन LPG आयात की जा चुकी है और कई जहाज भारत पहुंच चुके हैं।

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