आगामी त्योहारों पर कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी : योगी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में एक के बाद एक बड़े धार्मिक पर्वों को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द हर हाल में बनाए रखा जाए। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 10 संवेदनशील जिलों बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल ही में हुई घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने इन जिलों के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा। सीएम ने स्पष्ट किया कि अपराध की एक भी घटना पूरे माहौल को प्रभावित कर सकती है, इसलिए हर शिकायत पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ साफ दिखना चाहिए।

बैठक में चैत्र नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन अवसरों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। उन्होंने प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष योजना बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था न हो। प्रमुख मंदिरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों में किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल पहले से चली आ रही परंपराओं का ही पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। इसके अलावा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर भी सख्ती बरतने को कहा गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों के भीतर ही रहना चाहिए, अन्यथा तत्काल कार्रवाई की जाए।

सड़कों पर होने वाली बाइक स्टंटबाजी पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पीआरवी-112 वाहनों की सक्रियता बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने पर जोर दिया गया। बैठक में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर आम जनता पर नहीं पड़ना चाहिए। कहीं भी कृत्रिम कमी, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में प्रस्तावित राष्ट्रपति दौरे को लेकर भी तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं तय प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर भी निर्देश दिए और कहा कि गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं। बैठक में पुलिस विभाग ने भी जानकारी दी कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

Related Posts