नई दिल्ली, अगर आप बैंक के ATM से कैश निकालने के शौकीन हैं, तो मार्च खत्म होने से पहले यह खबर आपके काम की है. 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होते ही बैंकिंग ट्रांजैक्शन के नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है.
अब आपकी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट को लेकर बैंक और भी सख्त होने वाले हैं.
फ्री लिमिट पर अब UPI कैश की भी नजर
अब तक कई लोग डेबिट कार्ड की जगह ATM पर जाकर QR कोड स्कैन करके UPI के जरिए कैश निकाल लेते थे. उन्हें लगता था कि यह कार्ड वाले ट्रांजैक्शन से अलग है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. 1 अप्रैल से आप चाहे कार्ड इस्तेमाल करें या UPI, दोनों को एक ही फ्री मंथली कोटा में गिना जाएगा. यानी अगर आपके 5 फ्री चांस खत्म हो गए, तो UPI से पैसे निकालने पर भी चार्ज लगेगा.
जेब पर पड़ेगा 23 रुपये का अतिरिक्त बोझ
HDFC बैंक और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसे बड़े संस्थानों ने संकेत दिए हैं कि फ्री लिमिट पार होते ही हर ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये तक की फीस वसूली जाएगी.
- महीने में केवल 5 बार मुफ्त विड्रॉल.
- दूसरे बैंक के ATM से मेट्रो शहर में सिर्फ 3 बार फ्री चांस.
- दूसरे बैंक के ATM से नौन-मेट्रो शहर 5 बार फ्री चांस.
PNB ग्राहकों के लिए डबल झटका
पंजाब नेशनल बैंक अपने कुछ डेबिट कार्ड्स पर रोज़ाना पैसे निकालने की सीमा (Daily Limit) को भी आधा (50%) करने की तैयारी में है. बैंक का उद्देश्य साफ़ है कैश के लेन-देन को कम करना और डिजिटल पेमेंट यानी नेट बैंकिंग या UPI ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना.
बिना कार्ड पैसे निकालना है तो आसान, पर संभलकर
ATM से बिना कार्ड (Cardless) पैसे निकालना बहुत सुरक्षित है क्योंकि इसमें कार्ड क्लोनिंग का डर नहीं रहता. बस ATM की स्क्रीन पर QR कोड आता है, उसे स्कैन करें और पैसे आपके हाथ में. लेकिन याद रहे, 1 अप्रैल से यह सुविधा आपकी फ्री लिमिट को जल्दी खत्म कर सकती है.




