आखिर क्या होता है साइलेंट अटैक?, और कैसे चुपचाप मौत की आगोश में समा जाता है पूरी तरह से फिट इंसान

नई दिल्ली, हार्ट अटैक की घटनाएं अब अचानक से होने लगी हैं. आए दिन किसी न किसी की जान दिल का दौरा पड़ने से हो रही है. इसमें अचानक से सीने में तेज दर्द, पसीना और सांस की तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

लेकिन इन दिनों कुछ हार्ट अटैक (Heart Attack) बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी आ रहे हैं. इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है और यह उतना ही घातक हो सकता है जितना कि सामान्य हार्ट अटैक.

चौंकाने वाली बात यह है कि यह किसी भी उम्र के फिट और एक्टिव इंसान को भी अपनी चपेट में ले सकता है. हाल ही में हुई दो घटनाओं ने हर किसी को हैरान करके रख दिया है. आइए इन दोनों ही मामलों से जानते हैं साइलेंट हार्ट अटैक क्या है, कितना खतरनाक है और इससे कैसे बच सकते हैं…

केस 1- लोगों को फिट और सेहतमंद रहने के लिए योग सिखाने वाले योगाचार्य डॉ. पवन सिंघल का 54 साल की उम्र में निधन हो गया. मध्यप्रदेश के अशोकनगर के रहने वाले डॉ. सिंघल पशुपालन विभा में सीनियर सर्जन थे. वह रोज की तरह रात 1 बजे उठे, स्नान किया, पूजा करने के बाद डेढ़ घंटे तक योग किया. इसके बाद मंदिर जाने के लिए 3 किलोमीटर तक दौड़ भी लगाई, इसके बाद कार लेकर योग सिखाने जा रहे थे कि तभी रास्ते में साइलेंट हार्ट अटैक आय और सीट पर ही गिर गए. उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

केस 2– बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेट कप्तान तमीम इकबाल सोमवार को मैच खेल रहे थे, तभी उन्हें अचानक से हार्ट अटैक आया. यह मैच मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब और शाइनपुकुर क्रिकेट क्लब के बीच ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग में खेला जा रहा था. अचानक से तमीम के सीने में तेज दर्द महसूस हुआ.उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां उनकी जांच और ECG की गई. वे असहज महसूस कर रहे थे, ढाका वापस जाना चाहते थे। एक एंबुलेंस में जब उन्हें अस्पताल से मैदान पर लौट रहे थे, तो फिर से सीने में दर्द हुआ. दोबारा से उन्हें अस्पताल ले जाया गया और पता चला कि उन्हें मेजर हार्ट अटैक पड़ा है.फिलहाल उनकी हालत ठीक है और अस्पताल में निगरानी में हैं. इन दोनों घटनाएं बहस का विषय बन गई है कि क्या फिट इंसान को भी साइलेंट हार्ट अटैक से खतरा है.

साइलेंट हार्ट अटैक क्या है?

साइलेंट हार्ट अटैक एक ऐसा दिल का दौरा होता है, जिसमें हार्ट अटैक के लक्षण जैसे सीने में दर्द, पसीना आना या सांस फूलना दिखाई नहीं देते. अक्सर, लोग इसे साधारण थकान, बदहजमी या हल्के दर्द के रूप में नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर यह दिल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. कई मामलों में, लोगों को यह तक पता नहीं चलता कि उन्हें हार्ट अटैक हुआ था, जब तक कि वे ECG या कोई अन्य जांच नहीं करवाते.

साइलेंट हार्ट अटैक कैसे चुपचाप इंसान को बना देता है शिकार

1. सामान्य हार्ट अटैक से उलट इसमें कोई तीव्र दर्द या बेचैनी महसूस नहीं होती, जिससे इंसान इसे हल्के में ले लेता है.

2. हल्का सीने में जलन, थकान या पीठ दर्द को अक्सर गैस या मांसपेशियों की समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

3. स्ट्रेस, अनहेल्दी डाइट, ज्यादा सिटिंग और कम एक्सरसाइज जैसी लाइफस्टाइल से यह समस्या बढ़ रही है.

4. धीरे-धीरे कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज बढ़ता है, जिससे ब्लड फ्लो कम होता है और दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है.

किन्हें ज्यादा खतरा होता है

डायबिटीज के मरीज

हाई ब्लड प्रेशर वालों को

शराब और सिगरेट पीने वालों को

तनाव और डिप्रेशन में रहने से

नियमित दिनचर्या जैसे- कम नींद, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी

कैसे पहचानें साइलेंट हार्ट अटैक के संकेत

हल्का लेकिन बार-बार होने वाला सीने का दर्द या असहजता

पीठ, गर्दन, जबड़े या बांह में हल्का दर्द

हल्की कमजोरी, सिर घूमना या चक्कर आना

बिना किसी कारण के अत्यधिक थकान

पसीना आना या हल्का सांस फूलना

कैसे करें बचाव?

रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं, खासकर अगर फैमिली हिस्ट्री में हार्ट डिजीज है.

ज्यादा फैट और प्रोसेस्ड फूड से बचें, हरी सब्जियां, फल और नट्स का सेवन करें.

रोजाना 30 मिनट वॉक, योग या एक्सरसाइज करें.

मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीकों से तनाव कम करें

ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करें

धूम्रपान और शराब से बचें

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