लखनऊ, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज राज्य विधानसभा में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अब तक का सबसे विशाल बजट पेश किया। 9,12,696 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम बजट यूपी को ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए इस बजट में बुनियादी ढांचे, विकास और जन कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। आइए जानतें हैं वित्त मंत्री ने क्या कहा और उत्तर प्रदेश के इस रिकॉर्ड बजट में किसे क्या मिला?
1. यूपी की आर्थिक सेहत: GSDP और प्रति व्यक्ति आय
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार हुआ है।
- GSDP: राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद वर्ष 2024-25 के लिए 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% अधिक है।
- प्रति व्यक्ति आय: यूपी में प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 1.20 लाख रुपये (2025-26 अनुमानित) होने की संभावना है।
- गरीबी उन्मूलन: सरकार के प्रयासों से लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं
- बेरोजगारी दर: प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर मात्र 2.24% रह गई है।
2. युवाओं के लिए खुला ‘रोजगार का पिटारा’
बजट में युवाओं के स्किल डेवलपमेंट और नौकरियों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है:
- रोजगार के आंकड़े: 2017 से अब तक पुलिस विभाग में 2.19 लाख से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। वर्तमान में 83,122 अराजपत्रित पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
- शिक्षा क्षेत्र: मिशन रोजगार के तहत माध्यमिक स्कूलों में 8,966 नियुक्तियां पूरी हुई हैं और 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है।
- युवा उद्यमी योजना: ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत हर साल 1 लाख नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।
- प्रशिक्षण: 9 लाख से अधिक युवाओं को ट्रेनिंग दी गई और 5 लाख को निजी क्षेत्र में नौकरियां दिलाई गईं।
3. किसानों के लिए बड़े ऐलान और कृषि विकास
कृषि उत्पादन में यूपी देश में नंबर वन है और इसे बनाए रखने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है:
- गन्ना भुगतान: सरकार ने अपने कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
- फसल खरीद: रबी सीजन में 2,512 करोड़ का गेहूं और खरीफ सीजन में 9,710 करोड़ का धान खरीदा गया।
- सिंचाई: सिंचित क्षेत्र 2016-17 के मुकाबले 60 लाख हेक्टेयर बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है।
- एग्री एक्सपोर्ट हब: प्रदेश में कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए हब बनाए जाएंगे।
4. महिला सशक्तिकरण: सेफ सिटी और आर्थिक मदद
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- कन्या विवाह सहायता: बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
- मुख्यमंत्री सुमंगला योजना: अब तक 26.81 लाख बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।
- वर्किंग वूमेन हॉस्टल: नगर निगमों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।
- बीसी सखी: 58,000 ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों ने 39,000 करोड़ का वित्तीय लेनदेन कर 107 करोड़ का लाभ कमाया है।
5. औद्योगिक क्रांति: मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स का हब
- मोबाइल फोन: देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65% अकेले उत्तर प्रदेश में होता है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत की 55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां यूपी में हैं, और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- इन्वेस्टर्स समिट: 50 लाख करोड़ के साइन हो चुके हैं, जिनसे 10 लाख रोजगार सृजित होंगे।
6. कानून-व्यवस्था: अपराधों में भारी गिरावट
वर्ष 2016 की तुलना में अपराध के आंकड़ों में भारी कमी आई है:
- डकैती: 89% की कमी।
- हत्या: 47% की कमी।
- बलात्कार: 67% की कमी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर: पुलिस और अग्निशमन भवनों के निर्माण के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तावित है।




