लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 (UP SIR-2026) के तहत मतदाताओं की सुविधा के लिए दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान रविवार (18 जनवरी, 2026) को आयोजित विशेष अभियान दिवस के अलावा 31 जनवरी (शनिवार) और एक फरवरी 2026 (रविवार) को भी प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर विशेष कैंपेन दिवस आयोजित किये जाने थे।
इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। अब एक फरवरी को होने वाला अभियान टाल दिया गया है। इस दिन संत रविदास जयंती होने के चलते यह निर्णय लिया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि तय किया गया है कि इस दिन यह अभियान आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से सुविधानुसार एक विशेष अभियान दिवस आयोजित कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी पदाधिकारी (मण्डलायुक्त/रोल ऑब्जर्वर, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहकर अभियान का कुशलतापूर्वक संचालन करते हैं। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न जिलों में भ्रमण कर उक्त कार्यक्रम का पर्यवेक्षण किया जाता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यों में लगे सभी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि आलेख्य मतदाता सूची में परिलक्षित हो रही त्रुटियों को सही करने के लिए जमीनी स्तर पर लगकर कार्य करें। मतदाताओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुनें और निवारण के लिए सही सुझाव दें।
उन्होंने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिकतम शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में सम्मिलित होने से वंचित न रह जाए। आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने से संबंधित बूथ की मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि नाम सम्मिलित न हो अथवा किसी प्रकार की त्रुटि हो तो फार्म-6, 7 अथवा 8 भरकर दावे और आपत्तियां समयबद्ध रूप से दिनांक 6 फरवरी, 2026 तक ऑनलाइन या ऑफलाइन दर्ज कराएं, जिससे मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके।




