बढ़ेगा SCR का दायरा, लखनऊ और बाराबंकी के नए इलाके होंगे शामिल

लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (यूपी-एससीआर) का दायरा 34 हजार वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 38 हजार वर्ग किमी से अधिक करने की तैयारी है। इसमें लखनऊ और बाराबंकी विकास प्राधिकरण सीमा में आने वाले नए क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा।

आवास विभाग इसके आधार पर प्रस्ताव तैयार करा रहा है। एससीआर में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से भी बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी है, जिससे यूपी में एक नया औद्योगिक शहर बस सके।

24 साल की जरूरतों का ध्यान एससीआर में कुल आठ शहरों लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर नगर व कानपुर देहात को रखा गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक आबादी 29318752 और दायरा 34 हजार वर्ग किमी है। आवास विभाग लखनऊ और बाराबंकी विकास प्राधिकरणों का दायरा नए सिरे से तय करने जा रहा है।

इससे एससीआर का दायरा चार हजार वर्ग किमी से अधिक बढ़ने का अनुमान है। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि वर्ष 2047 में एससीआर की कितनी आबादी होगी और यहां क्या-क्या जरूरतें होंगी।

एससीआर वाले जिलों में आने-जाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी। इसमें मेट्रो रेल चलाने के साथ ही रैपिड रेल जैसी सुविधाएं देने पर विचार किया जा रहा है। एनसीआर में मेट्रो के साथ ही रैपिड रेल की सुविधा लोगों को दी गई है। इस सुविधा का फायदा उठाकर लोग दिल्ली से लेकर गाजियाबाद जैसे शहरों में रोजगार के लिए आसानी से आते और जाते हैं। इसके साथ ही एससीआर में इलेक्ट्रिक सिटी बसें भी चलाई जाएंगी, जिससे छोटी दूरी लोग इससे तय कर सकें।

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