



नई दिल्ली, पूर्वी एशिया के 5 देशों में शुक्रवार को भूकंप के रूप में कयामत आई है। ऐसी प्राकृतिक आपदा करीब एक दशक नेपाल में आई थी। भयावह मंजर देख लोगों की रूह कांप जा रही है।
कई गगनचुंबी इमारतें आंखों के सामने जमींदोज हो गईं। इस भूकंप का असर सबसे ज्यादा म्यांमार और थाईलैंड पर पड़ा है। हलांकि जमीन के अंदर हुई हलचल से 5 देशों में कंपन महसूस गिया गया, जिसमें भारत, चीन और बांग्लादेश भी शामिल है।
भारत में कोलकाता, इंफाल, मेघालय और ईस्ट कार्गो हिल में इसके झटके महसूस किए गए। भारत में कोलकाता, इंफाल, मेघालय और ईस्ट कार्गो हिल में इसके झटके महसूस किए गए। वहीं चीन के भारत और म्यांमार से सटे इलाकों में जमीन हिली है। थाईलैंड और म्यांमार के अलावा किसी अन्य देश में जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
बर्बाद हो गया म्यांमार!
भूकंप रूपी आपदा से पूरा म्यांमार बर्बाद हो गया। तबाही के सैकड़ों वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जब भूंकप आया तो घड़ी में 12 बजे थे, लोग अपने रोज मर्रा के काम में व्यस्त थे। रिएक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.7 रही, जो अति तीव्र माना जाता है। भूकंप का केंद्र म्यांमार का Sagaing रहा। भूकंप के झटकों की वजह से म्यांमार के मांडलेय में इरावडी नदी पर कथित तौर पर लोकप्रिय एवा ब्रिज (Ava Bridge) ढह गया। राजधानी नेपीथा का मेन हाईवे पूरी तरह से उखड़ गया है। मांडलेय शहर में भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यहां शहर के कई मंदिर और बौद्ध स्थल टूट गए हैं। वहीं 25 लोगों की मौत और 300 लोगों के घायल होने की सूचना है।
भूकंप के बाद टूट गया बौद्ध स्थल
ठप हो गया थाईलैंट
आपदा के बाद थाईलैंड पूरी तरह से ठप हो गया। हमेशा चहकने वाला शहर बैंकॉक शांत हो गया है। प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने पूरे देश में इमरजेंसी लागू कर दी है। वहीं बैंकॉक में एक बार फिर से लॉकडाउन लग गया है। इसके अलावा मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं। शेयर बाजार में ट्रेडिंग भी थम गया है। एयरपोर्ट और सबवे बंद कर दिए गए हैं। वहीं, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में अंडर कंस्ट्रक्शन 30 मंजिला इमारत गिर गई। इस साइट पर 400 लोग काम कर रहे थे। इनमें से 80 लोग लापता हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हुई है।
भूकंप के बाद गिरी ढही इमारत के मलबे से युवक को निकाला गया
हजारों लोगों के मरने की आशंका
बैंकॉक में जो निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हुई है, उसमें कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। USGS का कहना है कि हजारों लोगों के मरने की आशंका है। वहीं राहत बचाव में आपातकालीन सेवाओं में तैनात लोग जुटे हुए हैं।