नई दिल्ली (JEE Main 2026). इसमें कोई शक नहीं है कि नकल के लिए भी अक्ल की जरूरत होती है. लेकिन जब अक्ल का इस्तेमाल गलत रास्ते पर हो तो अंजाम बुरा ही होता है. छत्तीसगढ़ के भिलाई-3 स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रही जेईई मेन परीक्षा के दौरान एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने सुरक्षाकर्मियों के भी होश उड़ा दिए.
एक छात्र ने खुद को ‘मुन्नाभाई’ समझते हुए अपनी चप्पल के तलवे को ही मोबाइल का कवर बना लिया.
इस छात्र को लगा था कि वह मेटल डिटेक्टर और गार्ड्स की आंखों में धूल झोंककर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को ‘जुगाड़’ से पास कर लेगा. लेकिन उसकी हाई-टेक चोरी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई और जेईई मेन परीक्षा खत्म होने से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. हैरानी की बात यह है कि आरोपी छात्र आदित्य कुमार ने सुरक्षा के हर घेरे को पार करने के लिए पूरी प्लानिंग की थी. गेट पर चेकिंग से बचने के लिए चप्पलें उतारना हो या लैब में चुपचाप जाकर बैठना, उसने हर कदम फूंक-फूंक कर रखा था.
चाल से खुल गया राज
छात्र ने प्लानिंग काफी शातिर तरीके से की थी लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. बायो-ब्रेक के बाद जब वह वापस आया तो उसकी ‘चाल’ ही उसकी दुश्मन बन गई. जमीन पर चप्पल घसीटकर चलने की एक छोटी सी हरकत ने गार्ड के मन में शक का बीज बो दिया और फिर जो खुलासा हुआ, उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों को भी चौकन्ना कर दिया. अब यह छात्र इंजीनियरिंग कॉलेज की लैब के बजाय पुलिस थाने के चक्कर काट रहा है.
प्लानिंग ऐसी कि मेटल डिटेक्टर भी रह गया पीछे
गुरुवार सुबह करीब 8:25 बजे जब आदित्य कुमार पार्थिवी इंजीनियरिंग कॉलेज (आईओन डिजिटल जोन) पहुंचा तो उसके दिमाग में जेईई मेन परीक्षा के सवालों से ज्यादा अपनी चप्पल में छिपे मोबाइल की चिंता थी. मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर की जांच से बचने के लिए उसने बड़ी चालाकी से अपनी चप्पलें पहले ही उतार दीं और नंगे पैर जांच कराकर अंदर चला गया. उसकी यह तरकीब काम कर गई और वह लैब नंबर 12ए में अपनी सीट पर बैठकर पेपर देने लगा.
वॉशरूम ब्रेक और गार्ड की पैनी नजर
जेईई मेन परीक्षा 2026 शुरू होने के करीब दो घंटे बाद, सुबह 11:08 बजे आदित्य ने वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी. वह लगभग 20 मिनट तक बाहर रहा और जब करीब 11:28 बजे वापस लौटा तो सुरक्षा गार्ड ओमेंद्र कुमार ने उसे फिर से जांच के लिए रोका. आदित्य ने यहां भी वही पुरानी ट्रिक अपनाई और जांच से पहले ही चप्पलें दूर उतार दीं. जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन असली खेल तब शुरू हुआ जब उसने दोबारा चप्पलें पहनीं.
चप्पल घसीटी और पकड़ी गई चोरी
जैसे ही आदित्य कुमार चप्पल पहनकर लैब की तरफ बढ़ा, गार्ड ओमेंद्र की नजर उसकी चाल पर पड़ी. वह अपनी चप्पलें जमीन पर घसीटकर बड़े ही अजीब तरीके से चल रहा था. गार्ड ने छात्र को रोककर उसकी चप्पलों की बारीकी से तलाशी ली. जब गार्ड ने चप्पल के तलवे को दबाकर देखा तो वह दंग रह गया. छात्र ने चप्पल के मोटे तलवे को बीच से बड़ी सफाई से काटकर उसमें मोबाइल छिपाने के लिए खास जगह बनाई थी. चप्पल के अंदर मोबाइल ऐसे फिट था कि ऊपर से देखने पर पता ही नहीं चलता था.
अब पुलिस की गिरफ्त में ‘मुन्नाभाई’
कॉलेज के वेन्यू कमांडिंग ऑफिसर ने तुरंत अजीत वर्मा और NTA के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. फिर कॉलेज मैनेजमेंट ने डायल 112 को फोन किया. पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मोबाइल जब्त किया और आदित्य को हिरासत में ले लिया. छात्र के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम’ के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. अब पुलिस पता लगा रही है कि इस नकल के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो काम नहीं कर रहा था.




