नई दिल्ली, ज़रा दिल थाम कर बैठिए! क्या आपने कभी किसी ऐसी लाश के बारे में सुना है जो 500 साल पुरानी हो, लेकिन उसे देखकर लगे कि वह बस अभी-अभी सोई है और किसी भी पल उठकर आपसे बातें करने लगेगी?अर्जेंटीना के बर्फीले पहाड़ों से एक ऐसा ही कुदरत का करिश्मा सामने आया है, जिसे देखकर दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों का सिर चकरा गया है!
क्यों है यह दुनिया की सबसे अनोखी ‘ममी’?
1. न सड़ी, न गली – बिल्कुल ताज़ा!आमतौर पर ममी का नाम सुनते ही पट्टियों में लिपटी सूखी लाश का खौफनाक चेहरा याद आता है। लेकिन ‘लुलैलाको मेडेन’ (La Doncella) को देखिए! 500 साल पहले बर्फ में जम गई इस 15 साल की लड़की की स्किन आज भी सॉफ्ट है, बाल ऐसे हैं जैसे कल ही शैम्पू किए हों।
2. रगों में जमा खून और सिर में जुएं!
जब वैज्ञानिकों ने इसकी जांच की, तो उनके होश उड़ गए! इसके शरीर के अंदर आज भी खून जमा हुआ है। इतना ही नहीं, इसके बालों में बारीक जुएं तक सुरक्षित मिली हैं। यह ममी नहीं, बल्कि ‘सोती हुई गुड़िया’ लगती है।
3. देवताओं की प्यास बुझाने के लिए दी गई थी कुर्बानीकहानी दिल दहला देने वाली है। इंका साम्राज्य के लोग अपने देवताओं को खुश करने के लिए बच्चों की बलि देते थे। इस लड़की को नशा दिया गया और 22,000 फीट ऊंचे ज्वालामुखी पर मरने के लिए छोड़ दिया गया।
कड़ाके की ठंड ने उसकी जान ले ली और उसे हमेशा के लिए ‘अमर’ बना दिया।आज भी सुरक्षित है उसका आखिरी खाना!हैरानी की बात यह है कि सीटी स्कैन में उसके पेट में वह खाना भी मिला जो उसने मरने से ठीक पहले खाया था।
आज यह ‘बर्फ की परी’ अर्जेंटीना के एक म्यूजियम में सो रही है, लेकिन इसका रहस्य 500 साल बाद भी दुनिया को चौंका रहा है। इसे ‘दुनिया की सबसे सुरक्षित ममी’ का खिताब मिला है, जो मौत के बाद भी जिंदा लगती है!




