लखनऊ। लखनऊ में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती में देरी से नाराज़ अभ्यर्थियों ने मंगलवार को अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी कटोरा लेकर भीख मांगते हुए हजरतगंज चौराहे से विधानसभा घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें जीपीओ के पास ही रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2024 की भर्ती प्रक्रिया कोर्ट में लंबित है और अब तक 53 तारीखें लग चुकी हैं, लेकिन कोई निर्णय नहीं आया। इससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। अभ्यर्थी सूरज सिंह ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से बेरोजगार हैं और लगातार निराशा झेल रहे हैं।
उनका आरोप है कि सरकारी पक्ष की कमजोर पैरवी के कारण मामला लंबा खिंच रहा है। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि कई साथी मानसिक तनाव में आत्महत्या कर चुके हैं।
हरदोई से आए रमेश ने बताया कि वे गरीब परिवार से हैं और नौकरी की उम्मीद में लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। भर्ती अटकी रहने से उनके परिवार पर भी आर्थिक संकट गहरा गया है। अभ्यर्थियों के अनुसार, प्रदेश में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के करीब 60 प्रतिशत पद खाली हैं। कुल 2100 स्वीकृत पदों में से लगभग 1200 पद रिक्त हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि कोर्ट में शीघ्र सुनवाई कराकर भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि युवाओं को राहत मिल सके।




