लखनऊ, राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि जमीन खरीदना अब और महंगा हो गया है। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सर्किल रेट में दोगुना से ज्यादा की वृद्धि की है। संशोधित दरें 4 जून से लागू हो जाएंगी।
नयी दरें लागू होने से पहले दो जून तक आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए हैं।
जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष सितंबर में सर्किल दर में संशोधन किया था। महज 9 महीने बाद एक बार फिर वृद्धि करने का फैसला लिया है। मोहनलालगंज तहसील के नौदाला गांव की जमीन का सर्किल रेट अभी 18 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर है जिसे बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने का फैसला किया गया है। इसी तरह पतौना की जमीन 20 लाख में थी। यहां की जमीन खरीदने पर अब 40 रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से स्टाम्प लेना पड़ेगा।
गोमीखेड़ा में 20 से बढ़ाकर 40 लाख, दयालपुर में 18 से बढ़ाकर 40 लाख रुपए, गौरा में 37 से बढ़ाकर 98 लाख, टिकरा में 26 से बढ़ाकर 40 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर सर्किल रेट के हिसाब से जमीन खरीदनी पड़ेगी। यह सर्किल रेट मोहनलालगंज तहसील के 161 गांवों में लागू की गयी है, जो पूरी तरह कृषि योग्य हैं लेकिन जनपद मार्ग से लगी हुई हैं। इसी तरह सरोजनीनगर के 52, मलिहाबाद के 13, बक्शी का तालाब के 95 व सदर तहसील के 6 गांवों में लागू करने का प्रस्ताव है।
सर्किल रेट में थी विसंगतियां
नगर निगम क्षेत्र का विस्तार होने के बाद बहुत तेजी से शहरीकरण हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपार्टमेंट, रो हाउस व प्लाटिंग होने लगी है। सर्किल रेट से बहुत ज्यादा कीमत पर जमीनें खरीदी-बेची जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में यह जानकारी सामने आने पर ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि भूमि के सर्किल रेट में वृद्धि का फैसला किया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह का कहना है कि गांवों में सर्किल रेट में बहुत विसंगतियां थीं। साथ ही सर्किल रेट से कहीं ज्यादा महंगे दाम पर जमीनों की खरीद-बिक्री हो रही थी।
राजस्व का लक्ष्य भी 20.14 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। गत वर्ष स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग का कुल लक्ष्य 4120 करोड़ रुपए था। जिसके सापेक्ष 4520 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य 4950 करोड़ है। उप जिलाधिकारी एवं उप निबंधकों द्वारा किये गए सर्वे वर्तमान में कृषि दरों में बाजारू मूल्य एवं प्रचलित सर्किल दर में भिन्नता पाई गई है, जबकि अकृषक दर बाजारू मूल्य के समतुल्य पाई गई। बढ़े हुए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह आवश्यक हो गया था कि प्रचलित सर्किल दर और बाजारू मूल्य में भिन्नता समाप्त किया जाए।
लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी पांचों तहसीलों की कृषि भूमि के सर्किल रेट में वृद्धि किया गया है। प्रस्तावित दरों पर आपत्ति व सुझाव दो जून तक प्रत्येक कार्य दिवस को सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक समस्त उप निबंधकों के कार्यालयों, सहायक महानिरीक्षक निबंधन प्रथम / द्वितीय के कार्यालयों में भौतिक रूप से या ईमेल से प्रस्तुत किया जा सकता है। आपत्तियों का निस्तारण तीन जून को सुबह 11 बजे एनआईसी स्थित सभागार में व्यक्तिगत सुनवाई करते हुए निस्तारित की जायेगी।




