वक्फ बिल पर जेडीयू में घमासान, इस्तीफों का दौर जारी, पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुटी

पटना, क्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश होने के बाद जेडीयू में इस्तीफे की होड़ मच गई है. अल्पसंख्यक समाज के पार्टी नेता और पदाधिकारी इस्तीफा देते जा रहे हैं. अब अल्पसंख्यक समाज के नेताओं को एकजुट रखने के लिए जेडीयू ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रेस वार्ता रखी है.

वक्फ बोर्ड के ख़िलाफ़ लगातार बोलने वाले जेडीयू नेता और एमएलसी गुलाम गौस 5 अप्रैल को प्रेस वार्ता करेंगे. इसमें एमएलसी आफाक आलम और एमएलसी खालिद अनवर भी मौजूद रहेंगे.

पटना में जेडीयू दफ्तर में 1 बजे से प्रेस वार्ता है. इसमें अशफाक करीम, कहकशां परवीन और अफजल अब्बास जैसे नेता मौजूद रहेंगे. वक्फ विधेयक को लेकर जेडीयू के मुस्लिम नेताओं में नाराजगी है. कई नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. इसी बीच प्रेस वार्ता कर यह मैसेज देने की कोशिश है कि पार्टी में सब कुछ ठीक है. विरोध जताने वाले नेताओं से मैसेज दिलाया जा सकता है कि हम पार्टी के साथ हैं. विधेयक का समर्थन कर पार्टी ने सही किया.

आरजेडी ने शुरू की घेराबंदी

दरअसल चुनावी साल में आरजेडी लगातार सीएम नीतीश कुमार की घेराबंदी कर रहा है कि वह मुस्लिम विरोधी हैं. विधेयक का समर्थन पार्टी ने संसद में किया. नीतीश की सेक्युलर छवि को लगातार डेंट मारने की कोशिश की जा रही है. इसी बीच डैमेज कंट्रोल के लिए प्रेसवार्ता रखी गई है.

भोजपुर में इस्तीफा

वक्फ़ बिल से नाराज़ भोजपुर के जेडीयू के दो पार्टी सदस्य मो दिलशान राइन और युवा जेडीयू नेता अफरीदी खान ने पार्टी से एवं अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने जेडीयू जिला अध्यक्ष को त्यागपत्र लिखा है. पत्र में लिखा है, “वक्फ संशोधन बिल के प्रति आपकी पार्टी के समर्थन ने मेरे विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है.”

मुजफ्फरपुर में भी नेताओं ने छोड़ी पार्टी

मुजफ्फरपुर में जेडीयू के दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी का दामन छोड़ घर पर लगाए गए पार्टी के लगे हुए नेम प्लेट को भी तोड़कर के विरोध जताया. जिले में जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अफरीदी रहमान ने अपने दो दर्जन समर्थकों के साथ पार्टी के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार के साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

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