ईरान का कहर ! सुरक्षा में बड़ी सेंध, इजरायल में घुसकर शुरू किया मारना, बाजी पलट कर सड़कों पर बिछा दी लाशें

नई दिल्ली, Iran Israel War: इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में हालात और भी भयावह हो गए हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन इजरायल की ओर दागे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली को पार कर गईं और सैन्य व रिहायशी ठिकानों को निशाना बनाया।

ईरान की ओर से किए गए इन हमलों में तेल अवीव स्थित किर्या सैन्य मुख्यालय, इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के संचालन केंद्र और एक सैन्य खुफिया यूनिट को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।

भारी मानवीय क्षति, दोनों ओर जान-माल का नुकसान

इस तेज़ी से बिगड़ती स्थिति में ईरान में 240 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें 70 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। वहीं, इजरायल में अब तक 24 नागरिकों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। बड़ी संख्या में इजरायली नागरिकों को बम शेल्टरों में पनाह लेनी पड़ी। ईरानी मिसाइलों ने मध्य इज़राइल के रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे व्यापक तबाही की तस्वीर सामने आ रही है।

इजरायल की मिसाइल डिफेंस: क्या हो रही है चूक?

इजरायल की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली जिसमें आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, एरो-2 और एरो-3 जैसे सिस्टम शामिल हैं अब तक विश्व की सबसे भरोसेमंद प्रणालियों में मानी जाती रही है।

“आयरन डोम”, जो 2011 से सक्रिय है, कम दूरी के रॉकेट्स को नष्ट करने में 90% सफलता दर का दावा करता है। इसके साथ ही, बराक-8 और डेविड्स स्लिंग मध्यम और लंबी दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए तैनात हैं। जबकि एरो-3 इंटरसेप्टर प्रणाली पृथ्वी के बाहर से आने वाले खतरे को निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है।

फिर भी कैसे टूट गई सुरक्षा दीवार?

जानकारों के अनुसार, ईरान की रणनीति “ओवरलोड टेक्निक” पर आधारित हो सकती है, जिसमें इजरायली इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या से कहीं अधिक मिसाइलें और ड्रोन भेजे गए। इससे डिफेंस सिस्टम थक गई या जवाब देने में असमर्थ रही। लंदन के किंग्स कॉलेज की रिसर्चर मरीना मिरॉन के मुताबिक, अगर इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या सीमित हो और एक साथ सैकड़ों हमले हों, तो सिस्टम में कमजोरी आना तय है।

इजरायल की चिंता: क्या अगला निशाना बड़े सैन्य अड्डे होंगे?

हालांकि इजरायली सेना का दावा है कि 80-90% मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह संघर्ष अब किसी भी स्तर तक बढ़ सकता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि हमलों का यह सिलसिला लंबा चला, तो न केवल इजरायल बल्कि पूरे मध्य-पूर्व को गंभीर खतरा हो सकता है।

Related Posts