Iran Earthquake: ईरान में भूकंप से दहशत ! 5.5 की तीव्रता से कांपा दक्षिणी हिस्सा, लोगों में अफरा तफरी

तेहरान, ईरान (Iran) के दक्षिणी हिस्से से एक बड़ी और डरावनी खबर सामने आ रही है। गुरुवार सुबह दक्षिण ईरान में भूकंप (Earthquake) के जोरदार झटकों ने पूरी धरती को हिला कर रख दिया।

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.5 (Magnitude) मापी गई है।

स्थानीय समयानुसार सुबह 07:13 बजे आए इन झटकों ने लोगों को गहरी नींद से जगा दिया। भूकंप इतना जोरदार था कि इसके झटके आसपास के कई प्रांतों में महसूस किए गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मोहर (Mohr) के पास था भूकंप का केंद्र

आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र फार्स प्रांत के मोहर (Mohr) शहर से लगभग 35 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। इसकी गहराई जमीन से मात्र 10 किलोमीटर नीचे थी। भूकंप की गहराई कम (Shallow Quake) होने के कारण सतह पर इसके झटके बहुत ज्यादा विनाशकारी महसूस किए गए। हालांकि, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी तीव्रता 4.4 मापी है, लेकिन अधिकांश अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इसे 5.5 की श्रेणी में रख रही हैं।

बुशहर प्रांत में भी महसूस हुए झटके

हैरानी की बात यह है कि मुख्य भूकंप के साथ-साथ पड़ोसी प्रांत बुशहर (Bushehr) में भी दो अन्य झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 और 4.7 दर्ज की गई। यह इलाका ऊर्जा संयंत्रों और औद्योगिक केंद्रों के लिए जाना जाता है, जिसके चलते प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया।

जान-माल के नुकसान की स्थिति

  • कैजुअल्टी रिपोर्ट: शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की संभावना कम जताई गई है। फिलहाल किसी की मौत या गंभीर चोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: ऊर्जा संयंत्रों और प्रमुख बुनियादी ढांचों को अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है।
  • सुनामी अलर्ट: क्योंकि भूकंप का केंद्र जमीन पर था, इसलिए किसी भी प्रकार की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

ईरान में भूकंप का खतरा

ईरान दुनिया के सबसे संवेदनशील सीस्मिक जोन (Seismic Zone) में आता है, जहां कई बड़ी ‘फॉल्ट लाइन्स’ आपस में मिलती हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि उथले भूकंप (Shallow Quakes) अक्सर इमारतों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। फिलहाल स्थानीय प्रशासन फील्ड इनपुट जुटा रहा है और बचाव दल को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

दुनिया में भूकंप का सबसे पुराना रिकॉर्ड कहां मिलता है?

ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, भूकंप का सबसे पुराना लिखित प्रमाण चीन (China) में मिलता है। यह रिकॉर्ड लगभग 1831 ईसा पूर्व (BCE) का है, जो चीन के शांदोंग प्रांत से संबंधित है। हालांकि, वैज्ञानिक रूप से पृथ्वी पर भूकंप करोड़ों वर्षों से आ रहे हैं।

भूकंप मुख्य रूप से कितने प्रकार के होते हैं?

भू-विज्ञान (Geology) में इन्हें मुख्य रूप से 5 श्रेणियों में बांटा गया है, जो निम्नलिखित हैं:

  • 1. विवर्तनिक (Tectonic): टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने से (सबसे सामान्य)।
  • 2. ज्वालामुखी (Volcanic): ज्वालामुखी फटने के कारण।
  • 3. पतन/भूस्खलन (Collapse): खदानों या गुफाओं की छत गिरने से।
  • 4. विस्फोट (Explosion): परमाणु या रासायनिक विस्फोटों के कारण।
  • 5. प्रेरित (Induced): बांधों में भारी पानी के जमाव या मानवीय गतिविधियों के कारण।

दुनिया का सबसे शक्तिशाली और खतरनाक भूकंप कौन सा था?

सबसे शक्तिशाली भूकंप 1960 में चिली (Valdivia, Chile) में आया था, जिसकी तीव्रता 9.5 थी। वहीं, सबसे घातक/खतरनाक (मौतों के मामले में) 2004 का हिंद महासागर भूकंप (सुमात्रा) था, जिसमें सुनामी के कारण 14 देशों में 2,30,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

विश्व में सबसे ज्यादा भूकंप किस क्षेत्र में आते हैं?

उत्तर: दुनिया के लगभग 81% सबसे बड़े भूकंप प्रशांत महासागर के किनारे स्थित ‘रिंग ऑफ फायर’ (Ring of Fire) क्षेत्र में आते हैं। इसके अलावा आल्प्स-हिमालय बेल्ट दूसरा सबसे सक्रिय क्षेत्र है।

भारत के इतिहास का सबसे तेज भूकंप कौन सा था?

उत्तर: भारत का सबसे विनाशकारी और तीव्र भूकंप 15 अगस्त 1950 को असम-तिब्बत सीमा पर आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 8.6 (कुछ रिकॉर्ड में 8.7) दर्ज की गई थी। यह महाद्वीपीय टकराव (Continental Collision) के कारण आया अब तक का सबसे बड़ा भूकंप माना जाता है।

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