भारत पाकिस्तान के बीच कोलम्बो में महा मुकाबला, जानिए क्या कहते हैँ आंकड़े, क्या है टॉस का महत्त्व

नई दिल्ली, पाकिस्तान के साथ खेलने के लिए भारतीय टीम कोलंबो (श्रीलंक) गई है. टूर्नामेंट का सह-मेजबान होते हुए भी हाइब्रिड मॉडल के कारण टीम इंडिया को ऐसा करना पड़ा है.

2026 टी20 वर्ल्ड कप में अभी तक टॉस मैचों के परिणाम में बहुत अहम भूमिका निभाता आया है. भारत-पाक मैच आज शाम 7 बजे से शुरू होगा, लेकिन उससे आधे घंटे पहले ही सामने आ जाएगा कि मैदान पर क्या-क्या चीजें हो सकती हैं.

दरअसल अभी तक टी20 वर्ल्ड कप के मैचों में टॉस का बहुत अहम रोल रहा है. खासतौर पर शाम के समय ड्यू पड़ने के कारण अधिकांश टीमें पहले गेंदबाजी चुनती आई हैं. क्या भारत और पाकिस्तान के मैच में भी ड्यू पड़ेगी. यदि भारत टॉस जीतकर बाद में चेज करने का निर्णय लेता है, तो उसके जीत के चांस कितने होंगे? यहां जान लीजिए कि भारत-पाक मैच में टॉस कितना अहम रहेगा.

भारत-पाक मैच में कितना अहम रहेगा टॉस?

इस वर्ल्ड कप में अभी तक आर प्रेमदासा स्टेडियम में 3 मैच खेले गए हैं. इनमें टॉस जीतने वाली टीम ने 2 बार गेंदबाजी चुनी और दोनों मौकों पर वह टीम हारी है. वहीं ऑस्ट्रेलिया एकमात्र टीम रही, जिसने आर प्रेमदासा स्टेडियम पर पहले बैटिंग चुनी और आयरलैंड 67 रनों से रौंद डाला था.

चूंकि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान बारिश आने की संभावना है, ऐसे में दूसरी पारी में गेंदबाजी करना बिल्कुल आसान नहीं होगा. मैदान गीला होने के कारण गेंदबाज, बॉल पर ग्रिप नहीं बना सकेंगे.

इतिहास कुछ और ही कहता है

इस वर्ल्ड कप में चाहे 3 में से 2 परिणाम चेज करने का फैसला लेने वाली टीम के विरुद्ध गए हों, लेकिन कागजी आंकड़े कुछ और ही कहते हैं. आर प्रेमदासा स्टेडियम पर अब तक कुल 51 टी20 मैच खेले गए हैं, जिनमें 22 बार पहले बैटिंग, जबकि 28 मौकों पर चेज करने वाली टीम विजयी रही है. यहां टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लेने वाली टीमों का जीत प्रतिशत 54.90 है.

इस मैदान पर खेले गए पिछले 11 मुकाबलों में चेजिंग टीम का दबदबा रहा है. पिछले 11 टी20 मैचों में यहां 8 बार चेज करने वाली टीम जीती है. मैच में अगर मौसम दखल नहीं देता है, तो कागजी आंकड़े चेज करने वाली टीम की जीत की गवाही दे रहे हैं.

Related Posts