नई दिल्ली, IPL 2026 का फाइनल मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया, जिसे आरसीबी ने जीत लिया। इस खिताबी जीत के साथ आरसीबी की टीम ने दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की।
इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 155 रन बनाए थे और 156 रनों का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को आरसीबी ने 18 ओवर में ही हासिल कर लिया। आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला हारने के बाद गुजरात टाइटंल के कप्तान काफी मायूस नजर आए।
180-190 का स्कोर सही होता
हार के बाद शुभमन गिल ने कहा कि अगर हम 30 से 40 रन ज्यादा बनाते तब मुकाबले हमारे हाथ में था। उन्होंने कहा “मुझे लगता है कि अगर हम 180, 190 के करीब स्कोर कर लेते, तो यह एक अच्छा मैच होता।” क्या पिच धीमी थी या दोहरी गति वाली इस सवाल पर गिल ने कहा “सच कहूं तो उतना नहीं। थोड़ा-बहुत तो था। हमने देखा है कि जब भी हम खेलते हैं, पहले तीन-चार ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी बहुत स्विंग मिलती है। शुभमन गिल ने इस मैच में मिली हार का जिम्मेदार अपने बल्लेबाजों को करार दिया। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा “हमने शुरुआत में ही कुछ विकेट गंवा दिए और फिर बीच में हमारी लय बिगड़ गई, हम ठीक से खेल नहीं पाए। लेकिन हमें पता था कि हम फाइनल खेल रहे हैं।”
पावरप्ले में विकेट मिलते तो हम फाइट कर पाते
गिल ने कहा “150, 160, अगर हमें पावरप्ले में कुछ शुरुआती विकेट मिल जाते, तो हम हमेशा मैच में बने रहते।” लक्ष्य का पीछा करते हुए जल्दी विकेट न मिलने पर गिल ने कहा “हां, मुझे लगता है कि पावरप्ले में 15-20 रन ज्यादा बन गए। अगर हम उन्हें 50-55 रनों के आसपास रोक लेते, तो हमारे पास अभी भी मौका था। लेकिन मुझे लगता है कि पावरप्ले में वे थोड़ा ज्यादा रन बनाने लगे।” इस सीज़न में टीम के सुधार पर बात करते हुए गिल ने कहा “मुझे लगता है कि हम टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी टीमों में से एक थे। शुरुआती दो मैच हारने के बाद जिस तरह से हमने टूर्नामेंट में वापसी की, लगातार बातचीत करते रहे, खुद को आगे बढ़ाते रहे, अलग-अलग क्षेत्रों में खुद को चुनौती देते रहे और उन 5 प्रतिशत सुधारों को जारी रखा।”
हारे तब भी सुधार की गुजांइश, जीतते तब भी सुधार करते
फाइनल में हार के बावजूद पूरे अभियान पर बात करते हुए गिल ने कहा “हां, बिल्कुल, आप जानते हैं, बहुत खुश हूं। हम जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन आप जानते हैं, हमेशा ऐसी चीजें होती हैं जिनमें सुधार किया जा सकता है। और अगर हम ट्रॉफी जीत भी जाते, तब भी ऐसी चीजें थीं जिन पर हमें एक समूह के रूप में काम करने की जरूरत महसूस हुई।”




