लखनऊ। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांग्रेस के अनुसूचित प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर कांशीराम के 92वीं जयंती के अवसर पर विशाल सभा का आयोजन हुआ ,जिसमें तमाम वक्ताओं ने उनके सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके योगदान को याद कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मान्यवर कांशीराम के योगदान को यह कहते हुए याद किया कि उन्होंने कभी भी दलितों, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों के हितों के साथ कभी समझौता नहीं किया। यही वह ऐसा करते तो आज उन्हें यह देश इतनी शिद्दत से याद नहीं करता।
उनका इशारा वर्तमान सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ था। गांधी ने वंचित समाज के दलितों, पिछड़ों,अल्पसंख्यकों एवं सामान्य जाति के गरीबों का आवाहन करते हुए कहा कि आपका भला तब होगा जब आप लोग पावर स्ट्रक्चर का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने संविधान को हजारों वर्ष के सोच का परिणाम बताया। अति उत्साहित कार्यकतार्ओं के राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ नारों से कुछ हासिल नहीं होगा ,आपको सच्चाई के साथ जालिमों से लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को धरातल पर मजबूत करना होगा और साथ ही कहा कि हम पचासी प्रतिशत लोगों को न्याय दिलाने तक चुप बैठने वाले नहीं है उन्होंने कार्यकतार्ओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाषण देने से पहले वह सोच रहे थे कि बी आर अंबेडकर शिक्षा और संगठन की बात करते थे। आज लोग कांशीराम को याद करते हैं, लेकिन समाज को 15 और 85 में बांट दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका फायदा केवल 15 प्रतिशत लोगों को मिल रहा है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत समाज को अलग-अलग कर दिया गया है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि कांशीराम जी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते और अब भाजपा ने सरकार के 85 प्रतिशत हिस्से की अनदेखी की है।
राहुल गांधी ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में देख लीजिए, कॉरपोरेट इंडिया में देख लीजिए, बड़ी-बड़ी कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट की सूची निकालकर देख लीजिए आपको दलित, पिछड़ा और आदिवासी कहीं नहीं मिलेगा। किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर देख लीजिए। डॉक्टरों के नाम पढ़िए आपको एक दलित, पिछड़ा और आदिवासी नहीं मिलेगा। वहीं, मनरेगा मजदूरों की सूची निकाल लीजिए वहां पर 85 प्रतिशत दलित और पिछड़ा मिलेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में दलित, आदिवासी और ओबीसी के लिए मौके कम किए जा रहे हैं। इंटरव्यू से बच्चों को निकाला जा रहा है। उन्हें पब्लिक सेक्टर में मौका नहीं मिल पाता है। हम सभी की बराबरी चाहते हैं। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब कांग्रेस का समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन हुआ था, तब उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सीटें घटकर 36 रह गई थीं, जबकि महागठबंधन ने 43 सीटों पर जीत हासिल की थी। उन्होंने कहा कि यही सफलता महागठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहता है।
राहुल गांधी ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश के हजारों साल की विचारधारा है। इसमें सावरकर की विचारधारा नहीं है। गोडसे की विचारधारा नहीं है। इसलिए वो लोग इसे नहीं मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें लेकिन वो संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। गांधी जी, आंबेडकर जी और कांशीराम जी ने बहुत मुश्किलें झेली पर वो कभी कंप्रोमाइज्ड नहीं हुए जबकि मोदी जी तो कंप्रोमाइज्ड हैं। हमने उन्हें पकड़ लिया है। हमने नरेंद्र मोदी को साइकोलॉजिकली खत्म कर दिया है। वो अमेरिका के दबाव में हैं। वो अब अमेरिका का काम कर रहे हैं।




