लखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटने को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की।
उन्होंने पार्टी लखनऊ पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर मतदाता और हर एक ‘पीडीए प्रहरी’ से एक बार फिर ये अपील है कि पीडीए समाज के वोटों को काटने की किसी भी साज़िश को कामयाब न होने दें। उन्होंने कहा कि ‘पीडीए प्रहरी’ के प्रयासों के बावजूद भी अभी भी पीडीए समाज के करोड़ों वोट काटे गये हैं। अब पीडीए प्रहरी को हर बूथ पर गहन जांच पड़ताल करनी है और ‘एक भी वोट न कटने पाए, एक भी वोट न घटने पाए’ के अपने नारे के साथ हम सबको फिर से जुट जाना है, हर एक वोट बचाना है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हर मतदाता को याद दिलाइए कि वोटर लिस्ट में आपके नाम का महत्व क्या है। कल को वोटर लिस्ट में नाम न होने को आधार बनाकर कहीं भाजपा सरकार कोई ऐसा काला क़ानून न ले आए, जिससे आपका नाम काग़ज़ों से गायब मानकर और फिर उसको सबूत मानते हुए राशन कार्ड, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी की सूची, जन्म प्रमाण, जाति प्रमाणपत्र, नौकरी-आरक्षण, खाते-एकाउंट, शेयर इन्वेस्टमेंट, जीवन बीमा, फसल बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैक्टर-गाड़ी के काग़ज़ात, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आयुष्मान कार्ड, कॉलेज-यूनिवर्सिटी, बिजली-पानी कनेक्शन, सूखा-बाढ़-पाला राहत मदद व फसल मवेशी की क्षतिपूर्ति, खेत-ज़मीन, घर-मकान, विवाह प्रमाणपत्र सबसे आपका नाम कट जाए या कहें बेदखली कर दी जाए और आप अपने ही देश में बाहरी साबित कर दिए जाएं। समझ लीजिए मतदाता सूची में आपका नाम होना ही आपके नागरिक होने की निशानी है। वोटर आईडी को ही अपना नागरिक आईडी मानिए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि इसीलिए हमारी हर मतदाता से भी अपील है कि चौकन्ना रहें, सजग होकर अपना वोट बनवाएं और अपने नागरिक होने की पहचान बचाएं। साथ ही अपने खेत, ज़मीन, घर की मिल्कियत और विरासत भी। कल को कहीं ऐसा न हो कि विधानसभा में आपका वोट कटने के नाम पर आपका प्रधानी का वोट भी कट जाए।
‘पीडीए समाज’ ये सोचकर चले कि जब हमारे पास वोट डालकर सरकार बनाने का अधिकार है, तब तो हमारा इतना उत्पीड़न होता है, अगर वोट डालने का निर्णायक अधिकार हमारे ‘पीडीए समाज’ के लोगों के पास नहीं होगा तो हमें कितना प्रताड़ित किया जाएगा। ये वर्चस्ववादी अपनी मनमर्जी की सरकार बनाकर, ढाल की तरह हमारी रक्षा करनेवाले संविधान को ही ख़त्म कर देंगे। अपना वोट बचाने का मतलब अपना संविधान और अपने हक़ का आरक्षण व नौकरी बचाना भी है।




