चेक बाउंस मामले में फंसे अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 मार्च तक के लिए दी अंतरिम जमानत

नई दिल्ली,, बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के लिए सोमवार का दिन कानूनी दांव-पेंचों और भारी तनाव के बीच आखिरकार राहत भरी खबर लेकर आया. चेक बाउंस मामले में फंसे अभिनेता को दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 मार्च, 2026 तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है.

सोमवार सुबह सुनवाई के दौरान कोर्ट का रुख काफी सख्त था. न्यायमूर्ति ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि राजपाल यादव को अंतरिम जमानत चाहिए, तो उन्हें दोपहर 3 बजे तक प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना होगा. कोर्ट ने कहा था, ‘अगर आप DD जमा करते हैं, तो हम रिहा कर देंगे, वरना कल सुनवाई होगी.’ हालांकि अभी तक यह जानकारी नहीं आई कि राजपाल यादव की टीम द्वारा 1.5 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट में जमा किया गया है या नहीं.

राजपाल यादव का कानूनी चक्रव्यूह
राजपाल यादव के मौजूदा कानूनी संकट की जड़ें साल 2010 में गहराई से जुड़ी हैं. यह वह दौर था जब उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का निर्णय लिया. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित एक कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और कर्ज अदायगी का संकट खड़ा हो गया. आरोप है कि अभिनेता ने भुगतान के लिए जो चेक दिए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए, जिसके बाद यह मामला निचली अदालत की दहलीज से होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट तक जा पहुंचा. गौरतलब है कि राजपाल यादव को इस विवाद के चलते पहले भी जेल की हवा खानी पड़ी है, और

राजपाल यादव ने अपनी अद्भुत कॉमेडी और अभिनय क्षमता से बॉलीवुड में एक मजबूत साख बनाई है, लेकिन बार-बार कोर्ट-कचहरी के चक्करों ने उनकी ब्रांड वैल्यू पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. मनोरंजन उद्योग में ‘क्रेडिबिलिटी’ यानी विश्वसनीयता सबसे बड़ी पूंजी होती है, और चेक बाउंस जैसे गंभीर मामलों में संलिप्तता किसी भी कलाकार के पेशेवर भविष्य को प्रभावित कर सकती है. वर्तमान समय में सख्त होते कानून के बीच, यह मामला यह संदेश देता है कि वित्तीय अनुशासन में चूक की कीमत न केवल भारी जुर्माने, बल्कि निजी स्वतंत्रता खोकर भी चुकानी पड़ सकती है.

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