लखनऊ, आने वाले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने पीडीए दांव पर भरोसा जताते हुए कहा, भाजपा का अब कुछ चलने वाला नहीं है।
चाहे भाजपाई विस्तार करें या सिकुड़ जाए, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
पीडीए का साथ लेकर समाजवादी पार्टी भाजपा को हराने जा रही है। 2027 में बड़ी शपथ होने जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि हमने पिछले दिनों भाजपा का नाटक देखा। शंकराचार्य लखनऊ आए, तमाम भाजपाइयों ने कहा था, हम उनके सामने लेट जाएंगे। साष्टांग होकर सम्मान करेंगे। शंकराचार्य आए तो वे कहां गायब हो गए, अदृश्य हो गए। बटुकों के पैर छूकर दक्षिणा दी जाती है पर यहां तो उनकी चोटी पकड़ कर खींचा गया, अपमानित किया गया।
सेवईं खाओ, गले मिलो, आपस में प्रेम से रहो
सपा मुखिया ने शनिवार को ऐशबाग ईदगाह के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद का त्योहार खुशियां लेकर आता है। सेवईं खाओ, गले मिलो, आपस में प्रेम से रहो, ताकि दूरियां कम हो। अभी कुछ दिन पहले हम लोगों ने होली का त्योहार मनाया। हम सभी लोगों ने मिलकर गुझिया बांटी थी। हमारी यही हिन्दुस्तानियत है। उन्होंने बातचीत में कहा कि लोगों का मन था कि बाटी चोखा खाएं, लेकिन दूसरी दावत नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि जिसको गंगा मईया ने बुलाया था, वह केंद्र में है, लेकिन गंगा मईया साफ नहीं हुई। हम जब गंगा मां को याद करेंगे, मणिकर्णिका घाट भी याद आएगा, किसने बुलडोजर चलाया था? याद यह भी आएगा कि देवी जिन्होंने मणिकर्णिका घाट बनवाया, मंदिरों का संरक्षण किया उनकी मूर्ति के साथ-साथ भगवान शिव की मूर्ति तोड़ दी गई।
बंगाल में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हटाने पर भड़के अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में डीजीपी, चीफ सेक्रेटरी, पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी हटा दिए गए। ममता ने भाजपा के लिए जो कहा है, वह सच्चाई है। वह अकेले लड़ेंगी तो भी वह जीत जाएंगी। यूपी में जब भी भाजपा राज में चुनाव हुए एक भी अधिकारी नहीं हटाया गया। भाजपा ने रिश्तेदारों को जिताने के लिए अधिकारियों को चुनाव आयोग से सेट कराया। भाजपा षडयंत्रकारी पार्टी है, वह कब और कहां तनाव न पैदा कर दे? किसी को पता नहीं। मथुरा-वृंदावन जैसे तीर्थस्थलों में भी साधुओं से दुर्व्यवहार हुआ। समाज में नफरत फैलाना भाजपा का काम है। कब कहां किस तरह से चीजों को नफरत में बदलना है यह भाजपा से सीखें। हमें उससे सचेत रहना है।




