नई दिल्ली, मौत के बाद क्या होता है? इस सवाल का जवाब ढूंढने में सदियां बीत गईं, लेकिन नॉर्थ कैरोलिना की पैमेला नैंस का अनुभव किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है। साल 1990 में महज 22 साल की उम्र में पैमेला 4 दिनों तक ‘क्लिनिकली डेड’ थीं।
उनके शरीर के अंदर ब्लीडिंग हो रही थी, जिससे अनजान वह अचानक गिर पड़ीं और उनकी सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था, लेकिन 4 दिन बाद वह चमत्कारिक रूप से वापस लौट आईं और उन्होंने जो बताया, उसने दुनिया को हैरान कर दिया है।
पैमेला ने अपना ‘नियर डेथ एक्सपीरियंस’ (NDE) साझा करते हुए कहा कि जैसे ही उनकी आत्मा शरीर से अलग हुई, वह एक बेहद खूबसूरत घाटी में पहुंच गईं। वहां हरियाली, अद्भुत फूल और एक विशाल ‘ट्री ऑफ लाइफ’ था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वहां उन्हें अपना कोई भी सगा-संबंधी, माता-पिता या कोई इंसान नहीं दिखा। लेकिन अचानक उनके सामने जानवरों का एक झुंड आया, जो निस्वार्थ प्रेम से भरे हुए थे। तभी जानवरों ने रास्ता दिया और सामने आया उनका प्यारा पालतू कुत्ता ‘होली’।
होली की मौत पैमेला के बेहोश होने से कुछ ही घंटे पहले हुई थी। पैमेला कहती हैं, “होली को वहां पाकर मुझे जो खुशी मिली, वो दुनिया की किसी भी चीज से बढ़कर थी।” यह अनुभव भले ही कुछ समय का था, लेकिन पैमेला को लगा जैसे वह वहां काफी वक्त से हैं। जब डॉक्टरों ने उन्हें फिर से होश में लाया, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी इस यात्रा के बारे में बताया।
पैमेला की यह कहानी अब यूट्यूब और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे जानवरों के प्रति अटूट प्रेम का प्रमाण मान रहे हैं, तो कुछ वैज्ञानिक इसे ‘ब्रेन एक्टिविटी’ या मतिभ्रम (Hallucination) कह रहे हैं। हालांकि, दुनिया भर में ऐसे हजारों लोग हैं जिन्होंने मौत के करीब जाकर लौटने की ऐसी ही कहानियां सुनाई हैं। पैमेला का अनुभव उन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो अपने बिछड़े हुए पालतू जानवरों को याद करते हैं।



