



नई दिल्ली, डायबिटीज एक ऐसी क्रोनिक कंडीशन है जिसमें शरीर का ब्लड शुगर लेवल घटता-बढ़ता रहता है. ज्यादातर ब्लड शुगर लेवल्स (Blood Sugar Levels) बढ़ने पर डायबिटीज की दिक्कत होती है.
डायबिटीज में अगर रेग्यूलर चेकअप ना कराए जाएं, चिकित्सक की सलाह ना ली जाए और जीवनशैली के साथ-साथ खानपान में बदलाव ना किए जाएं तो सेहत बिगड़ती है और डायबिटीज घातक साबित हो सकती है. ऐसे में डायबिटीज के शुरुआती लक्षण (Diabetes Symptoms) पहचानने बेहद जरूरी होते हैं. यहां कुछ ऐसे ही संकेत दिए गए हैं जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने पर दिखने लगते हैं.
डायबिटीज के शुरूआती लक्षण | Early Signs Of Diabetes
आंखों से दिखने लगता है धुंधला
हाई ब्लड शुगर में आंखों के फोकस करने की क्षमता पर भी असर होता है. इससे धुंधला नजर (Blurred Vision) आने लगता है. इसे डायबेटिक रेटिनोपेथी कहते हैं जो रेटिना के ब्लड वेसल्स के डैमेज होने पर होती है.
बार-बार पेशाब आना
अगर आपको हर थोड़ी देर में पेशाब आने लगता है या पेशाब आने जैसा महसूस होने लगता है तो यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है. डायबिटीज में रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है जिसे फिल्टर करने के लिए किडनी तेजी से काम करने लगती है. इसीलिए बार-बार पेशाब आना शुरू हो जाता है.
घाव जल्दी ना भरना
डायबिटीज होने पर अगर शरीर में कहीं कोई घाव हो जाता है तो वो जल्दी भरता नहीं है. ऐसा शरीर के नेचुरल हीलिंग प्रोसेस के धीमे पड़ने पर होता है क्योंकि डायबिटीज होने पर एक्सेस मात्रा में ग्लूकोज रक्त धमनियों और नर्व्स को डैमेज करने लगता है. इससे शरीर की इंफेक्शंस से लड़ने की क्षमता भी कम होने लगती है. वहीं, पैरों पर घाव दिखना डायबिटीज के लक्षणों में शामिल है.
मुंह और त्वचा का ड्राई होना
स्किन का जरूरत से ज्यादा रूखा हो जाना और मुंह का सूखना डायबिटीज की तरफ इशारा हो सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर पेशाब (Urine) के जरिए ग्लूकोज को शरीर से निकालता रहता है और इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है. पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की वजह से मुंह सूखने लगता है और त्वचा ड्राई हो जाती है.
इन लक्षणों पर भी दें ध्यान
- कुछ और लक्षण भी हैं जिनसे डायबिटीज की पहचान की जा सकती है. डायबिटीज होने पर नर्व्स डैमेज होती हैं. इससे शरीर के अंग सुन्न महसूस होते हैं, झनझनाहट होने लगती है और हाथ-पैरों में जलन महसूस होती है.
- शरीर में कमजोरी होने लगती है और हर समय थका हुआ महसूस होता है.
- डायबिटीज के मरीजों का स्लीप पैटर्न भी बिगड़ जाता है और नींद की कमी हो जाती है.
- इरिटेशन महसूस होती है और बार-बार मूड स्विंग्स हो सकते हैं.
- बार-बार प्यास महसूस होती है और भूख भी बढ़ जाती है.
Disclamer : सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. aamawaaz. in इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.