राजधानी लखनऊ के अलीगंज में दर्दनाक ​हादसा,प्राचीन हनुमान मंदिर की दीवार ढहने से दुधमुहे बच्चे की मौत

लखनऊ, अलीगंज इलाके के डंडहिया बाजार स्थित पुराना हनुमान मंदिर की जर्जर दीवार गुरुवार को ढह गई। मलबे में 3 माह का बच्चा दब गया। पुलिस और नगर निगम की टीम ने करीब डेढ़ घंटे रेस्क्यू करके उसे बाहर निकाला।

इलाज के लिए भाऊराव देवरस अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए उसे केजीएमयू रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान मिसरिख सीतापुर निवासी गजोधर के 3 माह के बेटे के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, गजोधर झुग्गी डालकर मंदिर के पास परिवार के साथ रहते हैं। जिस जगह पर यह झुग्गी बनी थी, वह एलडीए की फ्रीहोल्ड जमीन है। इस जमीन पर करीब 15 झुग्गियां बनी हुई हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। बच्चे को सकुशल मलबे से बाहर निकाला गया। बच्चे के बाबा मेवालाल ने बताया कि उनके बेटे गजोधर के 3 माह के बेटे रूप लाल की मलबे में दबने से मौत हो गई। यह बताते हुए वह भावुक होकर रोने लगे। उनके मुताबिक, बच्चा झोपड़ी के अंदर सो रहा था। इसी दौरान अचानक दीवार गिर गई। बच्चा मलबे में दब गया।

घटना के बाद आसपास के 50-60 लोगों ने मिलकर बच्चे को निकालने की कोशिश की, लेकिन मलबा हटाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। स्थानीय निवासी फूल कुमार ने बताया कि गजोधर की 3 बेटियां हैं। चौथे नंबर पर उसे बेटा हुआ था। बेटे का जन्म ऑपरेशन से हुआ था। उपचार में करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च हुए थे। गजोधर ने उधार लेकर इलाज कराया था। अभी तक वह कर्ज चुका नहीं सका है।

स्थानीय पार्षद मान सिंह यादव ने बताया कि वह घटनास्थल पर गए थे। जहां लोगों ने बताया कि मंदिर की तरफ से एक प्राइवेट स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए कुछ झोपड़ियों को बाउंड्री के पास में शिफ्ट किया गया था। इस दौरान ही जर्जर दीवार के पास में झुग्गी में रहने से ये हादसा हुआ है।

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