लखनऊ, केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शहरवासियों को एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। शुक्रवार को ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का उद्घाटन किया गया और तीसरे तथा चौथे चरण के कार्य का शिलान्यास भी किया गया।
यह परियोजना, जिसे शहर की लाइफलाइन माना जाता है, के द्वितीय चरण का कार्य अब पूरा हो चुका है। झूलेलाल वाटिका में आयोजित एक भव्य समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, तृतीय और चतुर्थ चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया गया, जो लखनऊ के भविष्य की गति को निर्धारित करेगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ₹100 करोड़ की लागत से ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन 11 मार्च, 2024 को किया गया था। यह पुल 6.8 किलोमीटर लंबा है, जो आईआईएम रोड से पक्का पुल तक फैला हुआ है। अब, ₹299 करोड़ की लागत से 13 मार्च, 2026 को द्वितीय चरण का उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक का हिस्सा शामिल है। इस पुल के खुलने से हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे व्यस्त क्षेत्रों में जाम से राहत मिलेगी।
उपाध्यक्ष ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। पहले जिन दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, अब वह मिनटों में पूरी की जा सकेगी। वाहन चालक बिना किसी सिग्नल की बाधा के सीधे रिवर फ्रंट के किनारे से गोमतीनगर और समता मूलक चौक तक पहुंच सकेंगे। इस परियोजना से लगभग 15 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
LDA उपाध्यक्ष ने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत से ग्रीन कॉरिडोर का पहला चरण अब 13 मार्च को 299 करोड़ रुपए की लागत से द्वितीय चरण के उद्घाटन के साथ आगे बढ़ेगा। इस चरण में डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक का हिस्सा शामिल है।
लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस पुल के खुलने से हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जाम से राहत मिलेगी। इसके अलावा, 1220 करोड़ रुपए की लागत से 13 मार्च को तृतीय और चतुर्थ चरण का शिलान्यास किया जाएगा, जो पिपराघाट से किसान पथ को जोड़ेगा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। पहले जिन दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, वह अब मिनटों में पूरी की जा सकेगी। वाहन चालक बिना किसी सिग्नल की बाधा के सीधे रिवर फ्रंट के किनारे से गोमती नगर और समता मूलक चौक तक पहुंच सकेंगे। इस परियोजना से करीब 15 लाख अधिक लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
LDA सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत कॉरिडोर के एलाइनमेंट में आने वाले 166 पेड़ों को काटने के बजाय उनका प्रत्यारोपण किया गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। ग्रीन कॉरिडोर के आसपास आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
लखनऊ के ऐतिहासिक चौक चौराहे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित कराने को लेकर मराठी समाज उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की।
अध्यक्ष उमेश पाटील ने बताया कि हमारी बातों को रक्षामंत्री ने सुना और निकट भविष्य में उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। मुलाकात में शामिल प्रमुख सदस्यों में समाज के संस्थापक अध्यक्ष उमेश पाटील, वरिष्ठ महामंत्री गजानन माने पाटील, संरक्षक भानुदास पाटील, अवधेंद्र पांडेय और उपाध्यक्ष दिनेश जोशी रहे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ब्रह्मोस जो अब लखनऊ में बनाई जा रही है, उसका ऐसा हमला हमने आतंकवादियों पर किया कि अब वह कभी दोबारा भारत में आतंकवादी हमला करने से पहले 100 बार सोचेंगे। अगर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने दोबारा कभी ऐसा करने का सोचा तो उन्हें ऐसा जवाब मिलेगा कि मैं दावा करता हूं कि वह कभी दोबारा भारत पर हमला करने का सोच भी नहीं पाएंगे।
राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे नहीं लगा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की यात्रा पर जाएंगे, मुझे लगा था कहीं यह यात्रा स्थगित ना हो जाए। मगर वह यात्रा पर गए और वही खान-पान रखा, जिसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में जबरदस्त निवेश आया है।
राजनाथ सिंह ने घोषणा की है कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण अगले माह किया जाएगा। लखनऊ सीतापुर हाईवे को 6 लेन किए जाने पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा लखनऊ सुल्तानपुर रोड का अपग्रेडेशन होगा। यह सड़क लखनऊ वाराणसी कॉरिडोर के तौर पर विकसित की जाएगी.




