दिल्ली से मुंबई तक बम की अफवाहों ने मचाई खलबली, 2 बड़े अलर्ट निकले फर्जी; घंटों परेशान रही पुलिस

नई दिल्ली,देश की राजधानी दिल्ली से लेकर वित्तीय राजधानी मुंबई तक रविवार का दिन झूठी बम सूचनाओं के कारण दहशत और अफरा-तफरी में बीता. सुबह मुंबई में नेवल डॉकयार्ड पर संभावित आतंकी हमले की सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया, वहीं दोपहर होते-होते दिल्ली की ओर जा रही श्रिधाम एक्सप्रेस में बम की अफवाह से यात्रियों में हड़कंप मच गया.

मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को सुबह एक व्यक्ति ने फोन कर दावा किया कि नेवल डॉकयार्ड पर आतंकी हमला होने वाला है. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन कुछ ही घंटों में यह सूचना झूठी निकली. पुलिस के अनुसार, फोन करने वाला व्यक्ति आंध्र प्रदेश से होने का दावा कर रहा था और नशे की हालत में था. उसकी पहचान जहांगीर नामक युवक के रूप में हुई है, जो अपने एक दोस्त के साथ शराब पीने के बाद यह कॉल कर बैठा.

दिल्ली जा रही श्रीधाम एक्सप्रेस में भी बम की अफवाह

उधर, भोपाल से रेलवे अधिकारियों को सूचना मिली कि 12192 जबलपुर- हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में बम लगाया गया है. ट्रेन जबलपुर से दिल्ली की ओर बढ़ रही थी, तभी रास्ते के कई स्टेशनों पर उसे रोककर जांच की गई.

मथुरा जंक्शन पहुंचने पर RPF, GRP और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जनरल कोच की पूरी जांच की. सीटें, सामान, कोने-खांचे, सभी जगह तलाशी ली गई. लेकिन किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. घंटों की खोज और देरी के बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया.

स्टेशन डायरेक्टर एनपी सिंह ने बताया कि अलर्ट विशेष रूप से जनरल कोच से जुड़ा था, इसलिए गहन जांच की गई. बाद में इसे भी झूठी सूचना करार दिया गया.

दोनों अलर्ट झूठे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

मुंबई और दिल्ली-दोनों शहरों में अलर्ट झूठे साबित हुए, लेकिन इससे यात्रियों, सुरक्षा बलों और अधिकारियों में पूरे दिन बेचैनी बनी रही. रेलवे और पुलिस अब इन दोनों फर्जी सूचनाओं के स्रोत की जांच कर रही है.

एक ही दिन दो बड़े शहरों में ऐसी अफवाहें फैलने से सुरक्षा एजेंसियों ने भी कहा है कि वे किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लेंगी और अलर्ट प्रोटोकॉल सख्ती से लागू किया जाएगा.

बता दें कि दिल्ली बम धमाके के बाद देशभर में इन दिनों सुरक्षा इंतजाम सख्त हैं और एजेंसियां कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है. ऐसे में बम प्लांट किए जाने की झूठी सूचनाएं लोगों में दहशत बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों की परेशानी भी बढ़ा रही हैं.

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