लखनऊ, लखनऊ शहर का एक इलाका बीबीगंज और बीबीगंज के लोगों ने अपनी कमाई का एक अनोखा जरिया खोजा है। भारत में आदमी जीपीएस से ज्यादा लोगों पर भरोसा करता है। अगर किसी भी गली-कूचे में वो भटक जाए तो राहगीरों से रास्ता पूछा जाता है।
मान लीजिए कि हर आदमी जिससे आप एड्रेस पूछते हैं वो आपसे इस सुविधा के पैसे वसूलने लगे।आपको सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन लखनऊ शहर के एक बीबीगंज में अगर आप किसी का पता पूछने के लिए उनके दरवाजे पर दस्तक देते हैं, तो आपको उन्हें पैसे देने पड़ेंगे। पंडित का पता जानने के लिए लोग बेताब लखनऊ के सआदतगंज के बीबीगंज इलाके में बुद्धराम नाम के मशहूर पंडित हैं। उनका पता पूछने वालों से लोग 50 रुपये की वसूली करते हैं। देश भर से कई लोग अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए उनसे मिलने आते हैं।
लोग कर्ज, बेवफाई, ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित करने, करियर संबंधी सलाह, पढ़ाई में मन न लगने आदि के बारे में सलाह लेने के लिए पंडित बुद्धराम के पास आते हैं। कथित तौर पर पंडित सिर्फ 200 रुपये ही एक समाधान के लिए लेते हैं। पड़ोसी आ गए हैं लोगों के पता पूछने से तंग पंडित आस-पास के इलाकों में काफी फेमस हैं लेकिन उन्होंने अपने पते या विज्ञापन का कहीं कोई बोर्ड नहीं लगाया है। ऐसे में उन्हें खोजते हुए लोग अकसर रास्ता भटक जाते हैं और दूसरों की मदद लेते हैं।
यह सिलसिला इतने सालों से चला आ रहा है कि पंडित बुद्धराम के पड़ोसी तंग आ गए हैं। उन्होंने अपने घरों के बाहर एक नोटिस बोर्ड लगा दिया है, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि पंडित का पता और उनसे जुड़ी जानकारी पूछने पर 50 रुपये देने होंगे। लोग वसूल रहे हैं पैसे 70 साल की कमला ने बताया कि वह काफी समय से इलाके में रह रही हैं और उनका घर पंडित के घर के बिलकुल सामने है। इस वजह से करीब 80 फीसदी लोग पंडित बुद्धराम का पता पूछने उनके घर पहुंच जाते हैं।
वह इससे इतनी परेशान हो गई थीं कि एक दिन उन्होंने नोटिस बोर्ड लगा दिया। अगर लोग एड्रेस पूछना चाहते हैं तो 50 रुपये देने होंगे। कमला को उम्मीद थी कि पैसों के डर से लोग उनके दरवाजे पर दस्तक देना बंद कर देंगे। हालांकि ऐसा बिलकुल नहीं हुआ।
इलाके के एक दूसरे निवासी कुलदीप ने बताया कि आस-पड़ोस के कई लोग बिना नोटिस बोर्ड लगाए भी इससे कमाई कर रहे हैं। पंडित बुद्धराम के नाम का बोर्ड नहीं होने की वजह से सबकी कमाई चल रही है। लोगों को डर है कि अगर पंडित होर्डिंग या बोर्ड लगा देंगे तो उनका यह अवैध कमाई का जरिया बंद हो जाएगा। कई अन्य निवासियों ने पंडित के ठिकाने के बारे में पूछताछ के लिए लोगों के दरवाजे पर दस्तक देने पर परेशानी जाहिर की है। खबरों की माने तो पंडित बुद्धराम के मैनेजर दयाशंकर पांडेय ने खुलासा किया कि पता बताने के नाम पर पड़ोस में की जाने वाली अवैध कमाई का बारे में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही पंडित बुधराम के घर के आगे एक बोर्ड लगाया जाएगा।




